125वें स्थापना वर्ष पर तीर्थ सुरक्षा का राष्ट्रव्यापी अभियान, मथुरा चौरासी से होगा शुभारंभ
आगरा।
भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के गौरवशाली 125वें स्थापना वर्ष शतकोत्तर रजत महोत्सव के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले “चल-अचल तीर्थ सुरक्षा एवं जन-जागरूकता महामहोत्सव”के संबंध में सोमवार को श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, अतिशय क्षेत्र नसिया जी,आगरा में आचार्यश्री सौभाग्य सागर जी महाराज स्थविर संत सुरत्न सागराचार्य जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में एक भव्य पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर समिति द्वारा 125वें स्थापना वर्ष की स्मारिका/पत्रिका का भी विधिवत विमोचन किया गया।पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जम्बू प्रसाद जैन ने बताया कि कमेटी अपने स्थापना के 125 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 22 अक्टूबर 2026 से 22 अक्टूबर 2027 तक देशव्यापी चल-अचल तीर्थ सुरक्षा एवं जन-जागरूकता महामहोत्सव का आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जैन तीर्थों, प्राचीन जिनालयों,धार्मिक धरोहरों तथा पूज्य साधु-संतों से जुड़े अनेक विषय समाज के समक्ष चुनौती बनकर उभरे हैं। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग को तीर्थों की सुरक्षा, संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन के लिए संगठित करना समय की आवश्यकता है।यह अभियान केवल तीर्थों की रक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज में जागरूकता संगठन, सहभागिता और उत्तरदायित्व की भावना को भी सशक्त करेगा।शतकोत्तर रजत महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्री जवाहरलाल जैन ने कहा कि यह महाअभियान किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जैन समाज का राष्ट्रीय दायित्व है।इसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, न्यायविद, अधिवक्ता, शिक्षाविद, उद्योगपति, महिला संगठन, युवा वर्ग, आईटी प्रोफेशनल,पत्रकार तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़कर तीर्थ सुरक्षा का एक सशक्त राष्ट्रीय तंत्र विकसित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रव्यापी महा अभियान का शुभारंभ 21 एवं 22 अक्टूबर 2026 को अंतिम श्रुत केवली जंबू स्वामी की मोक्षस्थली सिद्धक्षेत्र मथुरा चौरासी से होगा| जहां लगभग 125 वर्ष पूर्व भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की स्थापना हुई थी।इसके पश्चात वर्षभर देशभर में तीर्थ सुरक्षा यात्राएं,सम्मेलन,कार्यशालाएं,जन-जागरूकता अभियान एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान का ऐतिहासिक समापन 22 अक्टूबर 2027 को जैन समाज के सर्वोच्च सिद्धक्षेत्र श्री सम्मेद शिखरजी में किया जाएगा।महामहोत्सव के अंतर्गत देशभर के वर्षायोग स्थलों पर “तीर्थ सुरक्षा कलश” तथा जिनालयों में “तीर्थ रक्षा गुल्लक” स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु तीर्थ संरक्षण के इस पुनीत अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सके। साथ ही युवाओं को सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों से जागरूक करने तथा तीर्थों से जुड़े कानूनी एवं प्रशासनिक विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे।उद्घाटन समारोह में पिछले 125 वर्षों के दौरान तीर्थक्षेत्र कमेटी की सेवा, संरक्षण एवं विकास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सेवाधर्मियों एवं उनके परिजनों का सम्मान भी किया जाएगा।समिति का उद्देश्य इस महाअभियान के माध्यम से जैन समाज की आस्था, संस्कृति और प्राचीन तीर्थों की सुरक्षा के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जनचेतना का निर्माण करना है।इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी मनोज जैन बाकलीवाल,जगदीश प्रसाद जैन,शरद जैन,राजेश जैन, कुमार मंगलम मीडिया प्रभारी शुभम जैन सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रिपोर्ट
शुभम- जैन
