अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा में आचार्य विमर्श सागर महाराज ससंघ का हुआ भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश देहरा तिजारा जैन समाज की आन-बान-शान ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष की पहचान है — आचार्य विमर्श सागर महाराज तिजारा/देहरा (संजय जैन बड़जात्या)।

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अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा में आचार्य विमर्श सागर महाराज ससंघ का हुआ भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश
देहरा तिजारा जैन समाज की आन-बान-शान ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष की पहचान है — आचार्य विमर्श सागर महाराज
तिजारा/देहरा (संजय जैन बड़जात्या)।

तिजारा 

श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा में वाणी भूषण भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्श सागर महाराज का 31 पिच्छिका सहित वर्ष 2026 के चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश रविवार को अपार श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक वातावरण के मध्य सम्पन्न हुआ। ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिए दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु देहरा तिजारा पहुँचे।

 

 

व्यवस्थापक संजय जैन के अनुसार नगर के प्रवेश द्वार से प्रारम्भ हुई भव्य शोभायात्रा में बैंड-बाजों की मधुर स्वर लहरियाँ, आकर्षक झाँकियाँ, धर्मध्वजाएँ और जयघोष पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। नगर के प्रमुख मार्गों को रंग-बिरंगे तोरणद्वारों एवं स्वागत द्वारों से सजाया गया था। जगह-जगह श्रद्धालुओं में आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त करने की होड़ दिखाई दी। मुख्य मंदिर परिसर में 108 पात्रों से विधिवत आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

 


विशाल एवं भव्य पांडाल में आयोजित मुख्य समारोह दीप प्रज्ज्वलन, चित्र अनावरण तथा बालक-बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत मंगलमय भक्तिमय नृत्यों के साथ प्रारम्भ हुआ। “जिनागम पंथ जयवंत हो” तथा भगवान चन्द्रप्रभु के जयघोषों से सम्पूर्ण परिसर गूँज उठा। देहरा तिजारा प्रबंधकारिणी समिति की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं, अनुशासन एवं समर्पण ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया।

 

समिति अध्यक्ष मुकेश जैन तिजारा ने स्वागत उद्बोधन में सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह चातुर्मास क्षेत्र के आध्यात्मिक उत्थान का स्वर्णिम अवसर है। कार्यक्रम का प्रभावी एवं रोचक संचालन कवि कमलेश बसंत,अभिषेक जैन एवं निर्मल जैन ने संयुक्त रूप से किया। वर्षायोग समिति के अध्यक्ष सुरेश जैन पटेल ने बताया कि संघ में आचार्य श्री सहित 7 दिगम्बर साधु,18 आर्यिकाएँ,5 क्षुल्लिका व 1 क्षुल्लक महाराज विराजमान हैं।

 

 

क्षेत्र के मंत्री नरेंद्र जैन के अनुसार अपने प्रेरणादायी प्रवचन में आचार्य श्री विमर्श सागर महाराज ने कहा कि “देहरा तिजारा केवल जैन समाज की आन-बान-शान ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष की पहचान है। यह अतिशय क्षेत्र अनंत श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहाँ भगवान चन्द्रप्रभु की अनुकम्पा का अनुभव प्रत्येक भक्त करता है।”

 

आचार्य श्री ने कहा कि चातुर्मास केवल चार महीने एक स्थान पर रुकने का नाम नहीं, बल्कि आत्मपरिवर्तन, संयम, स्वाध्याय, तप, त्याग और संस्कारों के जागरण का महापर्व है। यदि व्यक्ति अपने जीवन में क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर ले तो उसका जीवन स्वयं तीर्थ बन जाता है।
उन्होंने कहा कि धर्म केवल मंदिरों तक सीमित न रहे, बल्कि हमारे व्यवहार, परिवार और संस्कारों में भी दिखाई देना चाहिए। वर्तमान समय में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता चरित्र निर्माण, पारिवारिक एकता और नई पीढ़ी को धर्म से जोड़ने की है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, जैन दर्शन और नैतिक मूल्यों को भी अपने जीवन में अपनाएँ।

 

समारोह के अंत में हजारों श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे देहरा तिजारा में दिनभर धर्म, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह ऐतिहासिक चातुर्मासिक मंगल प्रवेश क्षेत्र के धार्मिक इतिहास में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।

         संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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