श्री राम जैसे कर्णधार से देश समाज न्यायप्रिय बनता है- आदर्शमति माताजी

धर्म

: श्री राम जैसे कर्णधार से देश समाज न्यायप्रिय वनता है- आदर्शमति माताजी
अशोकनगर-
-आज भी भारतीय संस्कृति के आदर्श पुरुष श्री राम चन्द्र जी है। उनके जैसे कर्णधारों की समाज को आवश्यकता है। वे एक नागरिक की1 उलाहने को सुनकर अपने जीवन के सुख का त्याग कर देते हैं। आज यहां क्या हो रहा है किसी से छिपा नहीं है, पहले नाव होती थी, जो स्वयं तरती थी। और बैठने वाले को पार उतारती थी। आज चुनाव होते हैं जिसमें स्वयं डूबते हैं,और दूसरों को डूबाते है। उक्त उद्गार सुभाष गंज में धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए आर्यिका रत्न श्रीआदर्श मति माताजी ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नाम समाज नहीं है,व्यक्तियों के समूह को समाज कहा जाता है। जहां अंहकार दूर दूर तक दिखाई नहीं देता, सामूहिक निर्णय होते हैं। तब समाज चलता है।दो शब्दों से संगठन बना है। संघ और ठन जहां संघ में ठनाठनी वह समाज बिखर जायेगा। और जहां संघ ठन अर्थात जहां समाज में प्रेम और वात्सल्य होगा वहां समाज टनाटन चलते हुए प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा। आज उच्च वर्ग अंहकार में जी रहा है। वहीं छोटे छोटे साधन हीन लोग संगठित हो रहे हैं। इस ओर सभी को ध्यान देना होगा।


आर्यिका संघ में ये संत हैं विराजमान
मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि आर्यिका श्रीसंघ में जेष्ठ आर्यिका रत्न श्री आदर्श मति माता जी, दुसरे नम्बर पर आर्यिका रत्न श्री दुर्लभ मति माता जी, तीसरे क्रम पर आर्यिका श्री अनर्घमति माताजी ,आर्यिका श्री अमंदमति माताजी, आर्यिका श्री श्वेतमति माताजी, आर्यिका श्रीपृथ्वी मति माताजी, आर्यिका श्री
विनितमति माताजी, आर्यिका श्रीमेरुमति माताजी, आर्यिका श्रीध्यान मति माताजी, आर्यिका श्रीविदेह मति माताजी, आर्यिकाश्री
अवायमति माताजी, आर्यिकाश्री अदुरमति माताजी ससंघ यहां विराजमान हैं।इसके साथ ही प्रतिभास्थली की बहने संघ में है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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