बेंगलुरु में रचा गया जैन इतिहास: निर्यापक मुनि श्री वीर सागर महाराज का 3 किमी लंबी भव्य शोभायात्रा के साथ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश, 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बने साक्षी

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बेंगलुरु में रचा गया जैन इतिहास: निर्यापक मुनि श्री वीर सागर महाराज का 3 किमी लंबी भव्य शोभायात्रा के साथ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश, 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बने साक्षी

108 फीट केसरिया ध्वज, हाथी, अश्व, विंटेज व लग्जरी कारों ने बढ़ाई शोभा | जयघोष से गूंज उठा पूरा बेंगलुरु, वर्षायोग का हुआ भव्य शुभारंभ

बेंगलुरु।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु ने रविवार को दिगंबर जैन परंपरा के इतिहास का एक स्वर्णिम और अविस्मरणीय अध्याय देखा। विश्व वंदनीय आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 वीर सागर जी महाराज संघ का वर्षायोग हेतु ऐतिहासिक मंगल प्रवेश लगभग 3 किलोमीटर लंबी भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति, अनुशासन और वैभव से सजे इस आयोजन में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इसे बेंगलुरु के धार्मिक इतिहास की सबसे भव्य जैन शोभायात्राओं में शामिल कर दिया।

 

महादेव गौशाला से ज्ञानोदय दिगंबर जैन मंदिर तक निकली इस विराट शोभायात्रा में पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का पद प्रक्षालन कर मंगल आरती उतारी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात समवशरण की दिव्य अनुभूति हो रही हो। भगवान महावीर स्वामी एवं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जयघोष से पूरा बेंगलुरु भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

108 फीट ध्वज, हाथी-अश्व और विंटेज कारें बनीं आकर्षण का केंद्र

शोभायात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण 108 फीट लंबा केसरिया ध्वज रहा, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके साथ 11 भव्य हाथी, 31 सुसज्जित अश्व, 21 आकर्षक बग्गियां, 5 बीएमडब्ल्यू लग्जरी कारें तथा 11 विंटेज कारों ने शोभायात्रा की भव्यता को चार चांद लगा दिए।

इसके अलावा 108 मंगल कलश, 64 चंवरधारी, 16 अंगरक्षक, 21 महिला मंडल एवं 16 पुरुष मंडलों की अनुशासित सहभागिता ने आयोजन को और भी दिव्य एवं गरिमामय बना दिया।

 

 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

केरल, कर्नाटक और मंगलुरु के पारंपरिक बैंडों सहित विभिन्न राज्यों के 11 बैंड दलों ने मंगल धुनों से वातावरण को भक्तिमय बनाया। वहीं कथकली नृत्य दल की मनमोहक प्रस्तुति ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अनुपम छटा बिखेरी। लगभग 7 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सजी आकर्षक रंगोलियों ने शोभायात्रा को अद्भुत और अलौकिक स्वरूप प्रदान किया।

जैन संस्कृति, अनुशासन और आस्था का विराट उत्सव

श्रद्धालुओं ने इसे केवल एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि जैन संस्कृति, अनुशासन, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक एकता का विराट उत्सव बताया। सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं, विशाल जनसहभागिता और अनुशासन ने बेंगलुरु के धार्मिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। यह ऐतिहासिक मंगल प्रवेश लंबे समय तक श्रद्धालुओं की स्मृतियों में अंकित रहेगा।

संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी
मो.: 9929747312

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