जब तक हम राग द्वेष नही छोड़ेंगे तब तक शान्ति प्राप्ति नही होगी मुनि श्री अक्षय साग़र जी

धर्म

जब तक हम राग द्वेष नही छोड़ेंगे तब तक शान्ति प्राप्ति नही होगी मुनि श्री अक्षय साग़र जी

शाढ़ौरा‎

पूज्य मुनि श्री अक्षयसागर महाराज ने अपने मंगल उद्बोधन मे शांति के विषय पर कहा की रा‎ संसार का प्राणी शांति पाना ‎ चाहता है और उसकी खोज में‎ निरंतर प्रयास करता ही रहता है,कस्तूरी का उदाहरण देते हुए बताया की जिस‎ तरह कस्तूरी की तलाश में हिरण‎ इधर-उधर भटकताही रहता है,‎ लेकिन कस्तूरी उसकी नाभि में ही‎ होती है।उसी तरह शांति हमारे भीतर  ही है।

उन्होने कहा ‎ यदि हम बाहर खोजने की बजाए‎ उसे अपने अंदर खोजें तो वह प्राप्त‎ हो सकती है। यह भाव पूज्य मूनि श्री  ने कस्बे‎ के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर‎ में हुई धर्मसभा मे  आचार्य श्री विद्यासागर  महाराज‎ के परम  शिष्य मुनिश्री‎ अक्षय सागर जी महाराज ने बुधवार ‎ ‎ को व्यक्त किए।‎ उन्होने अंत मे  कहा जब तक हम‎ राग द्वेष को नहीं छोड़ेंगे तब तक‎ शांति भी प्राप्ति नहीं होगी। आज‎ का यह आयोजन भी इसी उद्देश्य‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ ‎ को लेकर किया गया है।

संकलित अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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