अपनी और अपने पूर्वजों की शक्ति को समझो मुनि श्री
चाँदखेड़ी
चंद्रोदय तीर्थ चाँदखेड़ी में 320 साल के इतिहास में पंचकल्याण महोत्सव हो रहा है। इसी बेला में शुक्रवार को तप कल्याण की क्रिया मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज संघ सानिध्य में हुई इस अवसर पर उन्होनें अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा भारतीय संस्कृति हमेशा से पूजनीय रही है। भारत ने ही दुनिया को गुरु शिष्य की परंपरा से अवगत कराया है। उन्होनें सीख देते हुए कहा जो व्यक्ति बजट बनाकर जीता है वह कभी जीवन में ठोकर नंही खाता। पुण्य कमाने पर यह मत सोचो की करोगे क्या। आगे जोर देते हुए कहा जिंदगी का बजट बनाओ क्या इच्छा है, क्या अपेक्षाएं है, क्या करना है, बजट बनाकर चलेगे तो कभी परेशान नहीं होंगे। उन्होनें कहा अपने पूर्वजो की शक्ति को समझो, जो काम नही कर पाए तो छोड़ते जाओ जो कर सकते हो उसका बजट बनाओ। तुमने जो भवन,मकान बनाया है उसको छोड़कर बाहर मरना होगा,उसे मरघट नही बनाए। संसार को सीमित करो। पानी वही तक रहेगा जहां डाल मिलेगी। ज्ञानी व्यक्ति और व्यसन विषय में बोलते हुए कहा की ज्ञानी व्यक्ति हर चीज की सीमा मर्यादा तय करता है, हर चीज का अंतिम समय होता है। व्यसन करते हो तो अंतिम करो कि इसके बाद कभी नही करना है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
