भगवान नहीं… पहले साधु बनने की कामना करो’ : मुनि पुंगव सुधासागर महाराज का भावपूर्ण संदेश, राधौगढ़ में मंगल प्रवेश पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब”

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भगवान नहीं… पहले साधु बनने की कामना करो’ : मुनि पुंगव सुधासागर महाराज का भावपूर्ण संदेश, राधौगढ़ में मंगल प्रवेश पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब”

रुठियाई की धर्मसभा में बोले— सच्चे मन से गुरु भक्ति की है तो एक दिन मुनि बनने का भाव अवश्य रखें, राधौगढ़-बीनागंज और इंदौर समाज ने चातुर्मास का किया आग्रह
रुठियाई/राधौगढ़।
राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने कहा कि हर व्यक्ति भगवान बनना चाहता है, लेकिन भगवान बनने के मार्ग पर चलने का संकल्प बहुत कम लोग लेते हैं। यदि गुरु भक्ति सच्चे मन से की है तो जीवन में एक बार यह भाव अवश्य करना चाहिए कि “हे प्रभु! मुझे ऐसा सामर्थ्य दें कि मैं भी एक दिन मुनि बनकर धर्म की प्रभावना कर सकूं।”

 

मंगलोदय तीर्थ, रुठियाई में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने कहा कि भगवान के दर्शन करते समय लोग अनेक इच्छाएं रखते हैं, लेकिन सबसे श्रेष्ठ प्रार्थना यही है कि “मेरा जीवन साधुता की दिशा में आगे बढ़े और मेरा अंतिम समय धर्म-साधना में बीते।”

उन्होंने कहा कि गुरु के दर्शन केवल आशीर्वाद लेने के लिए नहीं, बल्कि अपने भीतर वैराग्य और संयम के भाव जगाने के लिए करने चाहिए। यदि किसी ने निष्कपट भाव से गुरु को स्वीकार किया है और सच्चे मन से मुनि भक्ति की है, तो उसे यह संकल्प अवश्य करना चाहिए कि वह भी एक दिन मुनिराज बनकर धर्म की सेवा करे।

“अंतिम क्षणों में प्रभु सामने हों, यही सबसे बड़ी कामना”
मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मन में हर समय यही भावना रहनी चाहिए कि जब उसके प्राण शरीर से निकलें, उस समय सामने भगवान हों या गुरु का प्रवचन चल रहा हो। ऐसा पुण्यशाली जीव श्रेष्ठ गति प्राप्त कर भगवान के समवसरण का अधिकारी बनता है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई स्वयं संयम या ब्रह्मचर्य व्रत धारण नहीं कर सकता और गृहस्थ जीवन में है, तो कम से कम इतना संकल्प अवश्य करे कि अपनी संतान में से एक को धर्ममार्ग पर चलाकर पूज्य संत बनाएगा। इससे गृहस्थ जीवन भी धन्य और सफल हो जाता है।

रुठियाई से साडा कॉलोनी राधौगढ़ की ओर हुआ मंगल विहार
धर्मसभा के उपरांत मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ ने दोपहर बाद रुठियाई से साडा कॉलोनी, राधौगढ़ की ओर मंगल विहार किया। मार्गभर श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर गुरुचरणों का स्वागत किया और दर्शन-पूजन का लाभ लिया।
मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि इस अवसर पर राधौगढ़, बीनागंज एवं इंदौर जैन समाज के प्रतिनिधियों ने गुरुचरणों में श्रीफल अर्पित कर आगामी चातुर्मास हेतु विनम्र आग्रह किया। शुभोदय तीर्थ बीनागंज समिति लंबे समय से चातुर्मास के लिए निवेदन कर रही है, वहीं इंदौर से भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर गुरुचरणों में श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

       संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

 

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