स्मार्ट परिवार बनाने के लिए आधुनिक तो बनो, लेकिन जड़ों से मत कटो स्वस्तिभूषण माताजी
कोटा
सांसारिक वैभव का त्याग कर संयम, साधना और संस्कारों को जीवन का आधार बनाने वाली भारत गौरव गणिनी आर्यिका105 स्वस्तिभूषण माताजी का मानना है कि आधुनिकता के नाम पर तेजी से बढ़ रही स्मार्ट परिवार की संस्कृति भारतीय पारिवारिक मूल्यों को कमजोर कर रही है।
छिंदवाड़ा में जन्मी और संस्कृत में एमए शिक्षित माताजी ने तीन दशक पूर्व ब्रह्मचर्य का व्रत ग्रहण कर तप, त्याग और समाज जागरण का मार्ग चुना। 36 हजार किमी से अधिक पदयात्रा, सम्मेद शिखरजी की 121 वंदनाएं और सौ से अधिक साहित्यिक कृतियों का सूजन उनकी साधना का परिचय देता है।

दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में उन्होंने परिवार, संस्कार और युवाओं की बदलती सोच पर विचार रखे।
Q. परिवारों में बढ़ती दूरियों की सबसे बड़ी वजह क्या है?
A. परिवार संवाद, सम्मान और संस्कार से मजबूत बनता है। आज सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन संवेदनाएं कम हुई हैं। रिश्ते अधिकार से नहीं, अपनत्व और त्याग से चलते हैं।
Q. आर्थिक आत्मनिर्भरता और धन का बढ़ता प्रभाव परिवारों को किस दिशा में ले जा रहा है?
A. आत्मनिर्भरता अच्छी है, लेकिन अहंकार जुड़ जाए तो रिश्ते कमजोर हो जाते हैं। धन के कारण माता-पिता के त्याग और प्रेम की उपेक्षा हमारी संस्कृति नहीं है।
Q. विवाह के निर्णय में माता-पिता की भूमिका कितनी जरूरी है?
A. विवाह दो परिवारों का मिलन है। माता-पिता का अनुभव और आशीर्वाद जीवन को स्थायित्व देता है। संवाद के साथ लिया गया निर्णय रिश्तों को मजबूत बनाता है।


. युवाओं को संस्कारों से जोड़ने के लिए क्या सबसे जरूरी है?
A. आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। धार्मिक वातावरण, बड़ों का सम्मान और सेवा की भावना परिवार से ही सीखने को मिलती है।
. समाज के लिए आपका क्या संदेश है?
A. आधुनिक बनिए, लेकिन अपनी
जड़ों से मत कटिए। माता-पिता का सम्मान, परिवार का विश्वास और धर्म के संस्कार जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। धन और सफलता तभी सार्थक हैं, जब उनके साथ विनम्रता, संवेदना और पारिवारिक उत्तरदायित्व भी जुड़े हों।

सुबह 7.30 से शाम 4 बजे तक चलेगी कार्यशाला, पोस्टर का विमोचन किया
सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से 5 जुलाई को तलवंडी दिगंबर जैन मंदिर सभागार में स्मार्ट परिवार कार्यशाला होगी। संयोजक अनिल जैन ठोरा ने बताया कि आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के सान्निध्य में आयोजित कार्यशाला के पंजीयन प्रपत्र का विमोचन बुधवार को नई धानमंडी दिगंबर जैन मंदिर में हुआ। समाज अध्यक्ष प्रकाश बज ने बताया कि 12 वर्ष से अधिक आयु के
अविवाहित युवक-युवतियां और उनके माता-पिता भाग लेंगे। मोटिवेशनल स्पीकर अनेकांत जैन, डॉ. नीलप्रभा जैन मार्गदर्शन देंगे। कार्यशाला सुबह 7:30 से शाम 4 बजे तक चलेगी। जेके जैन मुख्य संयोजक तथा नरेश वेद, अनिल ठौरा, राजकुमार लुहाड़िया व पारस सोगानी संयोजक हैं।
माताजी 3 जुलाई को विज्ञान नगर से विहार कर तलवंडी में मंगल प्रवेश करेंगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
