मुनिश्री पार्श्वयश सागर महाराज सल्लेखना की और अग्रसर आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज की निश्रा चारों प्रकार के आहार का त्याग किया
उदयपुर
वात्सल्य वृद्ध आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज से टेकचंद जैन ने 14 अगस्त को आचार्य श्री से मुनि दीक्षा लेकर अपने जीवन को मोक्ष मार्ग की ओर आरूढ़ किया।
14 अगस्त 2023 को उदयपुर में पूज्य आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज द्वारा उन्हें दीक्षा देते हुए मुनि श्री 108 पार्श्वयश सागर महाराज नाम दिया।

साधु संतों का जीवन का अंतिम लक्ष्य होता है कि वह संलेखना पूर्वक समाधि मरण को प्राप्त हो वह किसी आचार्य की सन्निधि में ऐसा ही दुर्लभ संयोग पूज्य मुनि श्री को प्राप्त हो रहा है। 85 वर्षीय मुनि श्री ने संस्तारोहण का व्रत लेकर समस्त प्रकार के आहार का त्याग कर दिया है, वह केवल जल ही ग्रहण कर रहे हैं।

मिली जानकारी अनुसार इन्होंने आचार्य श्री एवं समस्त संघ व समाज जनों की मौजूदगी में क्षमा याचना की थी।

रामगंजमंडी।
दिनांक 14 एवं 15 सितंबर को रामगंज मंडी की होटल महाराजा पैलेस में सुबह 11:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक मुंबई एवं कोलकाता की एनटिक ज्वेलरी एवं सर्टिफाइड डायमंड ज्वेलरी की एग्जीबिशन एवं सेल कोटा की मशहूर ज्वेलर्स पारस ज्वैलर्स के द्वारा लगाई जा रही है। अधिक जानकारी के लिए निम्न नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। 9414180123,9414126451
एवं आचार्य श्री से संस्तारोहण कराने का निवेदन किया था। आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज भारतवर्ष के सर्वाधिक संलेखना समाधि करने वाले आचार्य हैं।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
