विचारों का बोझ कम करें, जीवन में रखें सहजताः स्वस्तिभूषण माताजी
कोटा
विज्ञाननगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105स्वस्तिभूषण माताजी का मंगल प्रवेश शोभायात्रा के साथ हुआ। मंदिर पहुंचने पर 21 विशेष थाल में भव्यता के साथ गुरुमां का पाद प्रक्षालन किया। इसके साथ ही समिति के पदाधिकारियों ने मंगल आरती उतारी। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि मनुष्य जीवनभर जोड़-घटाव और लाभ-हानि के विचारों में उलझा रहता है। इन्हीं विचारों से राग-द्वेष उत्पन्न होते हैं, जो कर्मबंधन का कारण बनते हैं।

उन्होंने कहा कि जब विचारों का अत्यधिक बोझ मन और मस्तिष्क पर पड़ता है तो व्यक्ति तनाव, अवसाद और मानसिक अशांति का शिकार हो जाता है। इसलिए जीवन में सहज और रिलेक्स जरूरी है।
धर्मसभा में कु. मिताली ने नृत्य के माध्यम से मंगलाचरण किया। दीप प्रज्ज्वलन सकल दिगंबर जैन समाज के परम संरक्षक विनोद टोरड़ी और प्रकाश बज ने किया। गुरुमां का पाद प्रक्षालन देवेंद्र गुणमाला गंगवाल तथा शास्त्र भेंट अरविंद-अजीत ठौरा ने की। शाम को आरती, आनंद यात्रा हुई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
