आत्म शुद्धि के लिए विचारों का शुद्धिकरण जरुरी – स्वस्ति भूषण माताजी

धर्म

आत्म शुद्धि के लिए विचारों का शुद्धिकरण जरुरी – स्वस्ति भूषण माताजी
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जयपुर


शुद्ध वस्तु हर कोई चाहता है। लेकिन विचारों में मिलावट रखते हैं। वस्तुओं की शुद्धता से ज्यादा जरूरी है अपनी आत्मा की शुद्धि व भावों की शुद्धि ।
अत: विचारों का शुद्धि करण जरुरी है। ये उदगार मंगलवार को बापूनगर के गणेश मार्ग स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन चैत्यालय में आयोजित धर्म सभा में भारत गौरव गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने व्यक्त किए। माताजी ने आगे कहा कि भगवान को मानने के साथ जानना बहुत जरुरी है। भगवान को जानने के बाद ही उनके प्रति अटूट श्रद्धा व विश्वास होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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