आत्मा और गुरु की आवाज़ सुनें, पाप से बचेंः मुनिश्री सुधासागर महाराज 

धर्म

आत्मा और गुरु की आवाज़ सुनें, पाप से बचेंः मुनिश्री सुधासागर महाराज 

 गुना

शीतल धाम में आयोजित पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को विशाल धर्मसभा में मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज ने आत्म संयम, सदाचार और धर्म मय जीवन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में ऐसा कोई पाप नहीं करना चाहिए, जिसे अपनी आत्मा स्वीकार न करे। यदि किसी कार्य को करते समय आत्मा, माता-पिता या गुरु की सीख रोकती हो, तो उससे दूर रहना ही श्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भगवान, गुरु और अपने संस्कारों के भय को भी त्याग कर गलत मार्ग पर चलता है, वह संसार का सबसे निकृष्ट व्यक्ति बन जाता है।

 

धर्म के अनुसार एक दिन भी जीवन जीकर देखने से आत्मचिंतन का मार्ग खुल जाता है और मनुष्य अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझने लगता है।

 भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी की प्रतिष्ठा पूरे विधि-विधान के साथ मुनिश्री सुधासागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के निर्देशन में की गई। इस दौरान सौ धर्म इन्द्र अखिलेश जैन, महायज्ञ नायक डॉ. प्रितेश जैन, मुख्य यजमान डॉ. राहुल जैन ने विद्वानों के मंत्रोच्चार के बीच सम्पूर्ण पूजन विधान का कार्य किया गया।

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धर्म के अनुसार जीना ही जीवन की सबसे बड़ी साधना

प्रवचन के दौरान मुनिश्री सुधासागर महाराज ने कहा कि मनुष्य प्रायः संसार और परिस्थितियों के अनुसार जीवन जीता है, जबकि वास्तविक आनंद धर्म और गुरु की आज्ञा के अनुसार जीवन जीने में है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि केवल एक दिन अपने गुरु और भगवान की इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत कर देखें। ऐसा करने से आत्ममंथन होगा और मनुष्य स्वयं समझ सकेगा कि वह आध्यात्मिक रूप से कहां खड़ा है। उन्होंने दुर्लभ मनुष्य जीवन को सार्थक बनाने का संदेश देते हुए कहा कि धर्म का अभ्यास व्यक्ति के जीवन के रहस्यों को खोल देता है और उसे आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ाता है।Smiling man with folded arms in a plaid shirt on the left; sunrise over mountains and a Hindi motivational quote on the right: 'जिनने धैर्य सीख लिया, उसने जीत का रास्ता पा लिया.'

विश्व शांति महायज्ञ में सवा लाख मंत्रों की आहुति

शीतलनाथ जिनालय की प्रतिष्ठा के अवसर पर मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज ससंघ एवं अठारह पिच्छिकाओं की उपस्थिति में विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन हुआ। अरिहंत कुंड पर पंडित सुरेश शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री सहित विद्वानों ने वैदिक एवं जैन मंत्रोच्चार के बीच संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न कराया। नवनिर्मित जिनालय में मूलनायक भगवान शीतलनाथ की विशाल पद्मासन प्रतिमा का संस्कार कराया गया। सौ धर्म इन्द्र, महायज्ञ नायक, मुख्य यजमान एवं अन्य प्रमुख पात्रों ने सवा लाख मंत्रों की आहुतियां समर्पित कीं। मंदिर पर कलशारोहण, छत्र, चंवर एवं घंटा स्थापना की बोलियां भी श्रद्धा पूर्वक संपन्न हुई। आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहVibrant poster for Naveen Jain Print Gallery with Buddha images, circular photo frames, a large printer, and contact numbers.भागिता कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।

आज श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर पहुंचेगा मुनि संघः 

पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव के उपरांत शनिवार सुबह 6:30 बजे मुनिश्री सुधासागर महाराज ससंघ का मंगल आगमन चौधरी मोहल्ला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में होगा। यहां मुनि संघ के सानिध्य में विश्व शांति की कामना के साथ शांतिधारा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद सुबह 8 बजे महावीर भवन में मुनिश्री के मंगल प्रवचन होंगे। आयोजन समिति ने गुना नगर के साधर्मी बंधुओं एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की है।

            संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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