छोटा महावीर जी कागदीपुरा श्री महावीर जी

धर्म

छोटा महावीर जी कागदीपुरा श्री महावीर जी

श्री महावीर जी राजस्थान में श्री महावीर स्वामी, और छोटामहावीर जी कागदीपुरा श्री महावीर स्वामी मध्यप्रदेश में वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज विहार करते हुए चतुर्विध संघ सहित 14 मई को कागदीपुरा पधारे है।
रोचक जानकारी


दीपावली धन तेरस व पर भूगर्भ से प्रतिमा प्रकट
श्री छोटा महावीर जी अतिशय क्षेत्र कागदीपुरा जिला धार मध्यप्रदेश के श्री विनय छाबड़ा,श्री आशीष एवम श्री अजित ने जानकारी में बताया कि पहले यह ग्राम कागजीपुरा था, बाद में कागदीपुरा हो गया। यहाँ पर भी पूर्व में  आदिवासी समाज के दो बालको को मिट्टी खोदने पर 4 फ़ीट की भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा दिखी। जैन समाज के 25 से अधिक श्रावकों ने प्रतिमा उठाने का प्रयास किया, किंतु प्रतिमा हिली तक नही। तब दिगम्बर जैन समाज ने निवेदन किया कि प्रभु हम प्रतिमा यही रखेगे और मंदिर बनावेंगे तब वही आदिवासी बालक विक्रम ओर जितेंद्र ने अन्य दो लड़कों के साथ प्रतिमा उठाई तो प्रतिमा उठ गई। एक उच्च स्थान पर विधि विधान से विराजित किया। उसी समय चार अन्य प्रतिमाएं भी प्राप्त हुई। उन्हें भी साथ मे विराजित किया गया।
दीपावली के पूर्व धन तेरस 27-10-2007 की घटना है की अंगूठे
से दूध निकलने लगा।

7 फरवरी सन 2010 कोभूगर्भ से प्रगटित श्री महावीर स्वामी के अंगूठे से दूध की धारा प्रवाहित हुई । वही इतना ही नही ऐसा ही वाकया पुन
जल अभिषेक दूध में परिवर्तित हो गया।
एक और वाकया श्री नरेश गंगवाल ने साँझा किया उन्होंने बताया की दिनाक
28 सितम्बर 2011 को जब वो जल से अभिषेक कर रहे थे, तो वही जल दूध में परिवर्तित हो गया।
चातुर्मास एवम मंदिर निर्माण हेतु शिलान्यास
इस मंदिर जी का वर्ष 2011 में आचार्य श्री पुष्प दंत सागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री प्रणाम सागर जी ने चातुर्मास किया था। उन्ही के सानिध्य में नूतन मंदिर बनाने हेतु शिलान्यास भी हुआ है।
अनूठा संयोग
इसे अनूठा ही संयोग ही कहा जाएगा की वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी की मुनि दीक्षा
24 फरवरी 1969 को श्री महावीर जी अतिशय क्षेत्र राजस्थान में हुई, और नाम श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज रखा गया। जो कि भगवान महावीर स्वामी का एक नाम है । 24 वर्षो बाद वात्सल्य वारिधि श्री महावीर जी मे महामस्तकाभिषेक प्रमुख सानिध्य में कराने के लिए विहार कर रहे है, रास्ते मे छोटा महावीर जी कागदीपुरा में आगमन होकर विश्राम चल रहा है। दोनो जगह दूध का अनूठा संयोग जुड़ गया है।
कागदीपुरारा से जुड़े अन्य अतिशय की जानकारी के लिए अगली पोस्ट का इंतजार कीजिए
राजेश पंचोलिया इंदौर
वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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