परेशानियों को करें परेशान : आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
जजावर बूंदी
प.पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ का जजावर ग्राम में भव्य मंगल प्रवेश हुआ मंदिर जी के दर्शन करने के पश्चात पूज्य गुरु माँ के मंगलमय प्रवचन हुये माताजी ने श्रृद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि – हमारे जीवन में कई परेशानियां होती है लेकिन ऐसा नहीं है कि वे सदा ही बनी रहे समय के साथ ही जिंदगी की परेशानियां भी कट जाती है। आर्यिका श्री ने बताया कि एक व्यक्ति परेशानियों से पूरी तरह घिर गया और निराश होकर बैठ गया और खुद को कोसने लगा उसी समय एक उस रास्ते से एक दार्शनिक गुजर रहे थे उन्होंने युवक को निराश बैठे हुए देखा और कहा कि तुम इतने निराश क्यों हो? युवक बोला, ‘मेरे जीवन में बहुत परेशानियां हैं। एक परेशानी खत्म नहीं होती कि दूसरी खड़ी हो जाती हैं।’ वे बोले, ‘बस इतनी सी बात।’ वो उसे अपने साथ ले गए रास्ते में वो ऊंटों के एक व्यापारी के पास रुक गए और उस व्यक्ति को भी वहीं रुकने के लिए बोला।
रात में जब दोनों सोने जा रहे थे तो उन्होंने उससे कहा कि आज व्यापारी बीमार हैं इसलिए तुम तब सोना जब सारे ऊंट सो जाएं,उनकी बात मानकर वह ऊंटों के सोने का इंतज़ार करता रहा।
सुबह हुई तो दार्शनिक उनके पास पहुंचा और बोला, ‘अच्छी नींद आई होगी तुम्हें?’ व्यक्ति बोला, ‘मैं पूरी रात नहीं सो पाया,एक ऊंट सोता तो दूसरा उठ जाता हैं।’
दार्शनिक ने उसे समझाया कि जिंदगी भी इसी तरह हैं। एक समस्या जाएगी तो दूसरी खड़ी हो जाएगी। उनका डटकर मुकाबला करो और जीवन का आनन्द लेते हुऐ उनका सामना करो। सभी परेशानियां कुछ समय मे अपने आप ही गायब होने लगेगी। अतः हमें जीवन की सभी परेशानियों को दूर करने का प्रयास करते रहना चाहिए। जैन समाज के मिडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने बताया कि कल दिनांक 18 मई 2022 परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी ससंघ का नैनवां में मंगल प्रवेश होगा। आवश्यक सूचना परम पूज्य भारत गौरव आर्यिकारत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में दिनांक 20 मई 2022 को छोटी काशी बूंदी की सुरम्य नगरी नैनवा में श्री चन्द्र सागर दिगम्बर जैन बाल विद्या मंदिर अंतर्गत प्रस्तावित विज्ञा दर्शन ब्राइट फ्यूचर एकेडमी एवं कीर्ति स्तंभ का भव्य से शिलान्यास होने जा रहा है सभी धर्म प्रेमी कार्यक्रम में शिरकत करते हुए धर्म लाभ प्राप्त करें।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
