कैदियों ने हाथ उठाकर कहा- अब नहीं करेंगे अपराधगलत कार्य की सजा परिवार को नहीं, खुद को भुगतनी पड़ती है : आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी
कोटा
गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी के केंद्रीय कारागार में मंगल प्रवचन हुए। प्रियंका दीदी के मंगलाचरण के बाद समाज बंधुओं और जेलर ने दीप प्रज्वलन किया।
आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि पुण्य सुख और पाप दुख देता है। गलत कार्य की सजा परिवार को नहीं, खुद को भुगतनी पड़ती है। उन्होंने संतोष को सबसे बड़ा धन बताते हुए कैदियों को बाहर निकलकर गलत कार्य न करने का संकल्प दिलाया। इस पर एकाग्रता से सुन रहे कैदियों ने हाथ उठाकर दोबारा पाप न करने की शपथ ली।

प्रवचन के बाद जेल में मुनिसुव्रतनाथ भगवान की तस्वीर, साहित्य और जहाज मंदिर की प्रतिकृति भेंट की गई। कारागृह प्रशासन से जेलर हरिकेश मीणा व महेश शर्मा कार्यक्रम में शामिल रहे, जिनका सम्मान सकल दिगंबर जैनसमाज समिति कोटा की ओर से किया गया।


इस मौके पर समाज के परम संरक्षक विनोद जैन टोरडी वाले, महामंत्री पदम बड़ला, उत्तम बास्टा, यथार्थ पाटनी, टीकम जैन, विपुल जैन एवं समिता जैन टोरडी शामिल रहे।


विज्ञान नगर जैन मंदिर में आज शोभायात्रा के साथ पहुंचेंगी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजीः श्री दिगम्बर जैन मंदिर विज्ञान नगर में शुक्रवार को आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी का आगमन होने जा रहा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजमल पाटोदी ने बताया कि माताजी का मंगल विहार नयापुरा जैन मंदिर से सुबह 5:30 बजेशुरू होगा। इसके बाद कर्मचारीराज्य बीमा (ईएसआई) अस्पताल से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो सुबह 8:00 बजे विज्ञान नगर मंदिर पहुंचेगी।
समिति के मंत्री पीके जैन हरसोय ने बताया कि समापन पर सुबह 8:30 बजे से धर्मसभा होगी। माताजी के आगमन से समाज में हर्ष की लहर है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
