अपात्र को ज्ञान दिया तो दुर्गति हो जाएगी: मुनिश्री सुधासागर महाराज 

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अपात्र को ज्ञान दिया तो दुर्गति हो जाएगी: मुनिश्री सुधासागर महाराज

गुना

नगर में आयोजित श्री 1008 मज्जिनेंद्र जिनबिंब पंचमुखी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के तीसरे दिन श्रुत पंचमी और भगवान ऋषभदेव के जन्मकल्याणक का उत्सव भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्वाध्याय करना सहज है, लेकिन प्राचीन काल में इसके लिए लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान तक दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान सदैव पात्र व्यक्ति को ही देना चाहिए, क्योंकि कुपात्र को दिया गया ज्ञान उसके साथ-साथ ज्ञान देने वाले के लिए भी हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

 

 

मुनिश्री ने श्रुत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी दिन ग्रंथराज षट्खण्डागम को लिपिबद्ध किया गया था। उन्होंने श्रद्धा, विनय और शील को ज्ञान प्राप्ति की अनिवार्य शर्त बताते हुए सभी को नियमित स्वाध्याय करने की प्रेरणा दी।

 

वहीं जन्मकल्याणक महोत्सव के तहत राजा नाभिराय के यहां तीर्थंकर ऋषभकुमार के जन्म का मंचन हुआ। सौधर्म इंद्र ने ऐरावत हाथी पर आरूढ़ होकर तीर्थंकर बालक को पांडुक शिला तक ले जाकर 1008 मंगल कलशों से महामस्तकाभिषेक किया। इस अवसर पर नगर में ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हाथी, घोड़े, बग्गियां, विंटेज कारें, बैंड, ध्वजाएं और विभिन्न धार्मिक पात्र आकर्षण का केंद्र रहे। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकले चल समारोह ने पूरे शहर को धर्ममय बना दिया।

 

 

 

हजारों श्रद्धालुओं संग निकला जुलूस

 

जन्मकल्याणक अवसर पर निकली शोभायात्रा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही। चल समारोह में छह हाथी, 20 घोड़ा-बग्गियां, पांच विंटेज कारें, पांच धनपति कुबेर इंद्र रथ, दस ढोल दल तथा अनेक धार्मिक झांकियां शामिल रहीं। सौधर्म इंद्र ऐरावत हाथी पर आरूढ़ होकर तीर्थंकर बालक को जलाभिषेक के लिए ले जाते दिखाई दिए। छप्पन कुमारिकाएं, अष्ट कुमारिकाएं, इंद्र-इंद्राणी, राजा श्रेयांश, राजा सोम और विभिन्न देव पात्रों के परिकर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने। हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

 

 

 

मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों को दिया निमंत्रण

 

पंचमुखी पंचकल्याणक महामहोत्सव में शामिल होने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को विशेष निमंत्रण भेजा गया है। इसके साथ प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, कैलाश विजयवर्गीय, गोविंद सिंह राजपूत तथा पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल पहुंचकर यह निमंत्रण सौंपा। आयोजन समिति का दावा है कि विश्व में पहली बार पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन हो रहा है, जिसमें सभी पात्रों को धार्मिक क्रियाओं का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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