दुर्लभ आध्यात्मिक संगमः महावीर की छांव में मिले दिगंबर और श्वेतांबर संत
गुना
तप की राहें भले अलग हों, लेकिन मंजिल और महावीर का संदेश एक है। इसी भाव के साथ शहर में जैन धर्म की दिगंबर और श्वेतांबर परंपराओं का दुर्लभआध्यात्मिक संगम देखने को मिला, जब श्वेतांबर जैन समाज के मुनिराज डॉ. संयम रत्न विजय एवं एकादश वर्षीय तप आराधक मुनि भुवन रत्न विजय ने जगत पूज्य मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
चर्चा के दौरान दोनों मुनिराजों नेजैन धर्म के मर्म की बात करते हुए हमारी मान्यता पर विचार कियाऔर कहा कि हमारा तप करने का तरीका भले ही अलग हो परंतु हम महावीर स्वामी के वंश के है। उन्होंने वर्तमान में साधुओं के साथ हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और इन घटनाओं का सार्थक समाधान निकालने पर विचार किया
निश्चित रूप से यह क्षण जैन धर्म की एकता प्रभावना में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है। रवींद्र जैन के भजन हम नहीं दिगंबर श्वेतांबर तेरहपंथी थानाकवासी हम एक धर्म के अनुयायी हम एक धर्म के विश्वासी आपस मे कोई मतभेद न हो।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
