घट यात्रा व ध्वजारोहण के साथ हुआ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आगाज
छह दिवसीय आयोजन में पाषाण से भगवान बनाने की क्रियाओं का होगा चित्रण*
अर्हम योग प्रणेता मुनि प्रणम्य सागर महाराज के सानिध्य में हो रहा है भव्य आयोजन
बोलखेड़ा
जम्बू स्वामी की तपोस्थली बोलखेड़ा पर नवनिर्मित जिनालय वर्धमान पंच बालयति तीर्थ क्षेत्र पर अर्हम योग प्रणेता मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन उद्धघाटन व ध्वजारोहण के पश्चात जैन श्रावकों से कहा कि यह भूमि जम्बू स्वामी भगवान की तपोस्थली है। यहाँ के कण कण में जम्बू स्वामी भगवान के तप की वर्गणाऐं विद्यमान हैं। बौलखेड़ा में बना यह मंदिर आपने आप में अद्धभुत है और आप सभी बहुत ही पुण्यशाली है जो इस पंच कल्याणक में सहभागी बन रहे हैं।
दिगम्बर मुनि के कहा कि प्रत्येक श्रावक को आपने आस पास हो रहे पंच कल्याणक और किसी क्षपक की समाधि के दर्शन अवश्य करने चाहिए। इनके दर्शनों से पुण्य का बंध होता है हमारे तीर्थंकरों ने पांच कल्याणकों के माध्यम से प्रत्येक जीव को आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग दिखाया है इसी को मोक्ष मार्ग भी कहा जाता है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष गोकुल राम जैन ने बताया कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का मांगलिक शुभारम्भ घट यात्रा के साथ हुआ। घट यात्रा को मुख्य मंदिर से सम्पूर्ण गांव में जुलूस के रूप में निकाला गया तो महिलाएं एक समान परिधान में मंगल कलश लेकर चल रही थी।घटयात्रा समाप्ति पर ज्ञानचंद अशोक कुमार जैन फिरोजपुर झिरका द्वारा ध्वजारोहण कर सुंदर आगाज किया गया।



महोत्सव का आयोजन गोकुल राम ट्रस्ट द्वारा प्रतिष्ठा चार्य शुभम जैन बड़ामलहरा एवं धीरज भैया राहतगढ़ मध्यप्रदेश के निर्देशन में किया जा रहा है।



विभिन्न श्रावक श्राविकाएं इंद्र व इंद्राणी बनकर भगवान के जीवन चरित्र को जीवन्त कर रहे हैं। शुभारंभ के अवसर पर कामां,सीकरी,डीग पहाड़ी,जुरहरा,फिरोजपुर, अलवर, हरियाणा व दिल्ली सहित दूरदराज से अनेकों श्रद्धालु उपस्थित रहे। दोपहर को याज्ञ मंडल विधान व प्रवचनों के साथ सांध्य को मंगल आरती व शास्त्र सभा का आयोजन हुआ।
