बागेश्वर धाम धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज की माता जी श्री मति शोभादेवी के चरणों शीश रखकर वात्सल्य भाव से अपने सिर पर हाथ रखवा कर आशीर्वाद पाया !

धर्म

 बागेश्वर धाम धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज की माता जी श्री मति शोभादेवी के चरणों शीश रखकर वात्सल्य भाव से अपने सिर पर हाथ रखवा कर आशीर्वाद पाया !

बागेश्वर धाम 

जी हा देश-विदेश का हर सनातनी जिनके दर्शन और चरणों की धूल पाने के लिए लालायित रहता है ऐसे राष्ट्रीय संत बागेश्वर धाम के संत श्री धीरेंन्द्र शास्त्री महाराज ने अंतर्मना आचार्य श्री 208प्रसन्न सागर महाराज की माताजी श्रीमति शोभादेवी के चरणों शीश रखकर वात्सल्य भाव से अपने सिर पर हाथ रखवा कर आशीर्वाद पाया !

 

 

निश्चित रूप से बागेश्वर धाम में श्रद्धा और सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला आध्यात्मिक जगत में उस समय भावनात्मक और प्रेरणादायी वातावरण निर्मित हो गया, जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अंतर्मना संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज के गृहस्थ जीवन की पूज्य माता श्रीमती शोभा देवी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।Colorful poster advertising a print gallery with Buddha statues, saints, circular photo frames, a burger image, contact numbers, and an address at the bottom.

 

श्रद्धालुओं ने भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के सम्मान और संत परंपरा के प्रति श्रद्धा का प्रेरक उदाहरण बताया।

इस अवसर पर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने विनम्र भाव से माताश्री का सम्मान करते हुए उनके चरणों में श्रद्धा अर्पित की तथा आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य अनुभव किया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के सम्मान और संत परंपरा के प्रति श्रद्धा का प्रेरक उदाहरण बताया।

आज बागेश्वर धाम देश ही नहीं, बल्कि विश्वभर में अपनी आध्यात्मिक पहचान स्थापित कर चुका है। करोड़ों श्रद्धालु बागेश्वर धाम से जुड़कर सनातन संस्कृति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। ऐसे में पूज्य माताश्री शोभा देवी के प्रति व्यक्त किया गया सम्मान सभी के लिए प्रेरणादायक संदेश बन गया।Advertisement for Sudha Amrit mustard oil showing metal tin and assorted bottles (5 L, 2 L, 1 L, 500 ml, 200 ml) with 100% pure claim and contact number 9602091568.

 

Smiling man with folded arms in a plaid shirt on the left; sunrise over mountains and a Hindi motivational quote on the right: 'जिनने धैर्य सीख लिया, उसने जीत का रास्ता पा लिया.'

 

श्रद्धालुओं ने कहा कि संतों की जन्मदात्री माताओं का सम्मान वास्तव में उस तप, संस्कार और त्याग का सम्मान है, जिसके कारण समाज को महान संतों का सान्निध्य प्राप्त होता है। 

 

   नरेंद्र अजमेरा पीयूष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *