श्रद्धा और सम्यक ज्ञान धर्म की सच्ची नींवः स्वस्तिभूषण
कोटा।
श्री बालिता दिगम्बर जैन मंदिर कुन्हाड़ी में आयोजित धर्मसभा में भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि धर्म जीवन की आधारशिला है और श्रद्धा उसकी जड़। श्रद्धा जितनी दृढ़ होगी, धर्म उतना ही अधिक फलित होगा।
उन्होंने कहा कि श्रद्धा के साथ सम्यक ज्ञान का होना भी आवश्यक है। आत्मा और परमात्मा के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान श्रद्धा को स्थिरता प्रदान करता है। श्रद्धा के बिना ज्ञान और ज्ञान के बिना श्रद्धा अधूरी है। आर्यिका माताजी ने कहा कि आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
इससे पूर्व शिक्षा की काशी कोटा में परम् विदुषी परम पूज्या भारत गौरव तीर्थ संवर्धिका स्वस्तिधाम प्रणेत्री परम् विदुषी लेखिका गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने संघ सहित प्रातः 5:15 बजे रिद्धि सिद्धि नगर से मंगल विहार श्री 1008 पद्मप्रभु दिगम्बर मन्दिर बालिता रोड के लिए हुआ।


यहां पहुंचने पर गुरु मा की भव्य एवं ऐतिहासिक आगवानी की गई एवम गुरु मा का पद प्रक्षालन किया गया। जिनालय दर्शन उपरान्त परम् पूज्य माता जी ससंघ के मंगल सानिध्य में समाज के श्रावक जन ने प्राचीन जिन प्रतिमाओं के अभिषेक किये एवं शांतिधारा की।


उसके बाद धर्मसभा में गुरु माँ को शास्त्र भेंट किए गए इसी कड़ी में दिनांक 19 – 21 जून 2026 को होने वाले त्रिदिवसीय श्रुत पंचमी महोत्सव की पत्रिका का विमोचन सकल दिगम्बर जैन समाज कमेटी द्वारा, पूज्य माता जी के सानिध्य में किया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
