*गणाचार्य श्री विरागसागर जी महामुनिराज का 62 वाँ अवतरण दिवस एवं गणिनी भूषण विज्ञाश्री माताजी का 13 वाँ गणिनी पदारोहण दिवस मंगल विहार, जयपुरा में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया*
जयपुर
गुलाबी नगरी जयपुर की पावन धरा पर जैन धर्म के सिद्धांतों को जयवंत करती हुई पूज्य गणिनी भूषण आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ सान्निध्य में श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, मंगल विहार कालोनी में गणाचार्य श्री विराग सागर जी का 62 वाँ अवतरण दिवस एवं भारत गौरव गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी का 13 वाँ गणिनी पदारोहण दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत श्री जिनसहस्रनाम महार्चना से हुई। तत्पश्चात जिनेन्द्र भगवान की अभिषेक एवं शांतिधारा करने का आनंद सभी भक्तों ने प्राप्त किया।





मंगलाचरण को संगीतमय स्वर में जीतू जैन ने दिया। तत्पश्चात् पूज्य गणाचार्य गुरूदेव के चित्र का अनावरण हुआ। उसके समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया। इस अवसर पर गुरूमाँ के पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य गुरूभक्त राजेन्द्र भौंच सपरिवार ने प्राप्त किया। पिच्छिका भेंट करने का अहोभाग्य नवीन जैन ने प्राप्त किया।
गुरुमाँ के आशीष से व्रत संयम पूर्वक पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य गुरुभक्त भागचंद कासलीवाल गुहाटी ने लिया। भक्तिमय लहरों के साथ गुरूदेव एवं गुरूमाँ की अष्टद्रव्य से पूजन करने जयपुर जैन समाज की कालोनियों से गायत्री नगर, जनकपुरी, वरुण पथ, विवेक विहार, शांतिनगर, मांग्यावास, त्रिवेणी नगर, लालकोठी, चौमू बाग, सांगानेर, नन्दपुरी, सिविललाईन, के भक्तों ने बड़े उत्साह के साथ भक्ति आराधना की।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
