पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव मोक्षकल्याणक में हुआ भगवान का निर्वाण, बुरे कर्म के ताप से जले बीज में नहीं होता सद्‌कर्म का पुण्य अंकुरण पट्टाचार्य विशुद्धसागर महाराज

धर्म

पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव मोक्षकल्याणक में हुआ भगवान का निर्वाण, बुरे कर्म के ताप से जले बीज में नहीं होता सद्‌कर्म का पुण्य अंकुरण पट्टाचार्य विशुद्धसागर महाराज 

 भिंड

शहर के निराला रंग विहार में आयोजित पांच दिवसीय पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव का बुधवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) के मोक्ष कल्याणक का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। प्रतिष्ठा आचार्य अभिषेक शास्त्री एवं आशीष शास्त्री ने विधि-विधान से पूजन और धार्मिक अनुष्ठान कराए।

 

 

धर्मसभा में पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति को सद्कर्म अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। बुरे कर्मों में लिप्त व्यक्ति के जीवन में पुण्य का अंकुरण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भगवान आदिनाथ का जीवन गर्भ कल्याणक से लेकर मोक्ष कल्याणक तक मानवता को सत्य, संयम और आत्मकल्याण का संदेश देता है। मन की मलिनता दूरकर प्रभु भक्ति और धर्ममार्ग अपनाने से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। Advertisement for Sudha Amrit mustard oil showing metal tin and assorted bottles (5 L, 2 L, 1 L, 500 ml, 200 ml) with 100% pure claim and contact number 9602091568.Smiling man with folded arms in a plaid shirt on the left; sunrise over mountains and a Hindi motivational quote on the right: 'जिनने धैर्य सीख लिया, उसने जीत का रास्ता पा लिया.'

 

 

 

महोत्सव के समापन के बाद पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने ससंघ विहार किया। उनके विहार में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

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महाराज के चातुर्मास का इंतजार: बुधवार को पंचकल्याणक महोत्सव के समापन के बाद पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने ससंघ शहर से यूपी के लखनऊ के लिए मंगल विहार किया। पट्टाचार्य के विहार में हजारों की संख्या में जैन समाज सहित अन्य समाज के श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान शहर के जैन श्रद्धालुओं ने श्रीफल भेंटकर पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज से भिंड में चातुर्मास करने का आग्रह स्वीकार करने की इच्छा प्रकट की। उन्होंने बताया कि लखनऊ में पूर्व-नियोजित कार्यक्रम की वह स्वीकृति दे चुके हैं। लेकिन यदि भगवान की इच्छा रही तो वह भिंड में चातुर्मास अवश्य करेंगे।

           संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

 

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