बेढीया जी तीर्थ में दो आचार्य परमेष्ठियों का मंगलमय मिलन*
बेढीया जी, गुजरात। देवाधिदेव 1008 श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन तीर्थ, बेढीया जी में एक अत्यंत दुर्लभ, पुण्यदायी एवं आध्यात्मिक महत्व से परिपूर्ण अवसर पर दो महान आचार्य परमेष्ठियों का मंगलमय मिलन संपन्न हुआ।
परम पूज्य मुनिकुंजर ज्येष्ठाचार्य आदिसागर जी अंकलीकर परम्परा के चतुर्थ पट्टाधीश प्राकृताचार्य 108 आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज तथा परम पूज्य आचार्य श्री जयसागर जी महाराज का स्नेहिल एवं मंगलमय मिलन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण एवं प्रेरणा का केंद्र रहा।

इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने दोनों आचार्य भगवंतों के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य अनुभव किया। धर्मसभा में द्वय आचार्यो ने धर्म, संयम, आत्मकल्याण एवं जिनशासन की प्रभावना पर प्रेरणादायी संदेश प्रदान किए।

दो महान संतों का यह पावन संगम जैन धर्म की गौरवशाली साधु परम्परा, संयम साधना एवं आध्यात्मिक एकता का जीवंत प्रतीक बन गया। श्रद्धालुओं ने इसे एक ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय आध्यात्मिक क्षण बताते हुए कहा कि ऐसे दुर्लभ अवसरों का दर्शन और श्रवण अनंत पुण्य का कारण बनता है।

बेढीया जी तीर्थ परिसर पूरे समय भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण से गुंजायमान रहा। यह मंगलमय मिलन धर्म प्रभावना एवं जिनशासन की महिमा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
