आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज के सान्निध्य में बच्चों ने अष्ट द्रव्यों से किया पूजन-सम्मान समारोह, प्रेरक प्रवचन और वृक्षारोपण अभियान के साथ धर्म-संस्कारों का दिया संदेश
आगरा-
वैज्ञानिक संत आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में रविवार को श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर संत निलय, डी-ब्लॉक कमला नगर में भव्य पाठशाला के नैतिक एवं धार्मिक मोटिवेशनल सत्र का आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में आगरा नगर की विभिन्न जैन पाठशालाओं के विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यवस्थापकों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। सेक्टर-7 कमला नगर,शालीमार एन्क्लेव, कर्मयोगी एन्क्लेव,छीपीटोला, ताजगंज,कालिंदी विहार,ट्रांसयमुना कॉलोनी,बेलनगंज एवं मोती कटरा सहित नगर की विभिन्न पाठशालाओं के लगभग 250 बच्चों ने उत्साह पूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं आचार्यश्री के सान्निध्य में हुआ। इस अवसर पर पाठशाला के बच्चों ने अष्ट द्रव्यों की आकर्षक थाल सजाकर आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज का विधि- विधानपूर्वक पूजन किया।बच्चों की धार्मिक भावना अनुशासन एवं संस्कारयुक्त प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव विभोर कर दिया।


सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं द्वारा आचार्यश्री के चरणों का प्रक्षालन किया गया तथा श्रद्धा पूर्वक शास्त्र भेंटकर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया गया।सत्र के दौरान बच्चों ने धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त सभी पाठशालाओं के विद्यार्थियों शिक्षकों एवं सहयोगियों को भी सम्मान स्वरूप पुरस्कार एवं उपहार प्रदान किए गए।


सम्मान समारोह के दौरान बच्चों के चेहरे पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दे रहा था।अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में आचार्य निर्भय सागर जी महाराज ने रावण के चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि ज्ञान, सामर्थ्य और वैभव होने के बावजूद यदि व्यक्ति में विनम्रता और संयम का अभाव हो तो उसका पतन निश्चित है। उन्होंने कहा कि रावण अत्यंत विद्वान, शक्तिशाली और तपस्वी था, लेकिन अहंकार एवं कषायों ने उसके व्यक्तित्व को नष्ट कर दिया। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म, संस्कार, सदाचार, संयम और विनम्रता को स्थान देना चाहिए।

आचार्यश्री ने बच्चों को नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने तथा माता-पिता एवं गुरुओं के प्रति सम्मान का भाव रखने की प्रेरणा दी।उन्होंने कहा कि पाठशालाएं केवल धार्मिक शिक्षा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला भी हैं। यहां प्राप्त संस्कार जीवनभर मनुष्य का मार्गदर्शन करते हैं और उसे आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा से जोड़ने का आह्वान किया।कार्यक्रम के उपरांत भारतीय जैन संगठन जिला आगरा द्वारा विशेष वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान भी चलाया गया।

इस अभियान के अंतर्गत पाठशाला के बच्चों के साथ मिलकर पौधारोपण किया गया तथा सहभागी पाठशालाओं को भी पौधे भेंट किए गए।बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं,बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।पूरे आयोजन के दौरान धर्म, संस्कार, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर समन्वय देखने को मिला।कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज बाकलीवाल ने किया। इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी, अभिनंदन जैन,मनोज जैन बाकलीवाल,जगदीश प्रसाद जैन, नरेश जैन, यशपाल जैन, सुभाष जैन,अनिल जैन,शैलेंद्र जैन,अंकेश जैन,अमित जैन चांदी,मंशु जैन, अंकित जैन,शुभम जैन,रेनू जैन, रश्मि गोयल,ईशु जैन सहित ग्रेटर कमला नगर जैन समाज के अनेक गणमान्य सदस्य एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
