Poster for a spiritual/folk story titled 'मंगल बिहार' with a group of nude ascetic men on a bridge, a side profile of a bearded man, and a silhouette of a traveler with luggage walking a curved road, surrounded by flowers and an elephant motif.

सिद्धक्षेत्र पावागढ़ से आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज ससंघ का मंगल विहार प्रारंभ 

धर्म

सिद्धक्षेत्र पावागढ़ से आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज ससंघ का मंगल विहार प्रारंभ 

पावागढ़ 

परम पूज्य प्राकृताचार्य चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महाराज ससंघ का मंगल विहार सिद्धक्षेत्र पावागढ़ से दाहोद की ओर श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में प्रारंभ हो गया है। गुरुदेव के पावन चरणों का प्रत्येक विहार धर्म प्रभावना, आत्मकल्याण और जन-जन में आध्यात्मिक जागृति का संदेश लेकर आगे बढ़ रहा है।

 

 

श्रद्धालुओं का मानना है कि गुरु के प्रत्येक चरण आत्मोन्नति की प्रेरणा हैं, प्रत्येक विहार धर्म प्रभावना का उत्सव है तथा प्रत्येक दर्शन अनंत पुण्यों का कारण बनता है। गुरुदेव के सान्निध्य में धर्म, संयम और आत्मकल्याण की भावना निरंतर प्रबल हो रही है।

 

 

इस अवसर पर समाजजनों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर दर्शन-वंदना, धर्मलाभ एवं पुण्यार्जन करने का आह्वान किया गया। गुरुवर के मंगल विहार से संपूर्ण क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण बना हुआ है।मोक्ष पथ के राही, गुरुवर हमारे” – इस भाव के साथ श्रद्धालु गुरुदेव के चरणों में अपनी विनम्र श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं।

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