– मायापुरी अखाड़े के महंत का मर्डर, चाकू से गोदाः कोटा में 1100 साल पुराने मठ में हमला; साधु-संत बोले- नहीं लेंगे शव, धरने पर बैठे
– कोटा
कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में चंद्रेसल मठ के महंत की अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। बदमाशों ने सो रहे महंत देवानंद महाराज (35) पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
पुलिस के अनुसार घटना शुक्रवार रात करीब 12 बजे की है। ग्रामीणों को महंत मठ में लहूलुहान मिले थे। उन्हें गंभीर हालत में कोटा के महाराव भीम सिंह (MBS) हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था।
इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। करीब 1100 साल पुराने मठ में मर्डर से साधु-संतों में नाराजगी है। महंत के परिवार और संतों का कहना है कि आरोपियों के पकड़े नहीं जाने तक वे शव नहीं लेंगे। संत हॉस्पिटल में धरने पर बैठ गए हैं।

मठ में घुसे हथियारबंद बदमाश
जानकारी के अनुसार देवानंद महाराज मायापुरी अखाड़े के महंत थे। वे सवाई माधोपुर जिले के रजवाना के रहने वाले थे। पिछले 4 साल से कोटा स्थित चंद्रेसल गांव के मठ में रह रहे थे।
कोटा देहात भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकुट नागर ने बताया कि बदमाश देर रात चंद्रेसल मठ में घुसे थे। उस दौरान नंदनवन महाराज और महंत देवानंद अपने-अपने कमरे में सो रहे थे।
बदमाशों ने नंदनवन महाराज को कमरे में बंद कर दिया। फिर महंत के कमरे में गए। उन्होंने सोते हुए महंत पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उनकी गर्दन व पीठ पर पर कई घाव लगे थे। फिलहाल हत्या का कारण सामने नहीं आया है।
हॉस्पिटल पहुंचे संत, धरने पर बैठे
महंत की मर्डर की जानकारी के बाद शुक्रवार सुबह से ही साधु-संत कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। उन्होंने साधु-संतों की सुरक्षा में चूक को लेकर सवाल उठाए हैं।
सभी संतों ने कहा कि पूरा संत समाज महंत देवानंद महाराज के परिवार के साथ है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन ने जल्द से जल्द अपराधिकयों को पकड़ने की मांग है। सुबह करीब 11.30 बजे संत समाज ने हॉस्पिटल की मॉच्र्युरी के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।
