मुनि श्री सुधासागर महाराज ने दो माह की नन्ही बिटिया को मंगल आशीर्वाद देते हुए विभाति नाम दिया
गुना
निर्यापक श्रमण मुनिश्री सुधासागर महाराज के दर्शनार्थ पहुँचे रोहित जैन शिवाजी परिवार की मात्र दो माह की नन्हीं बिटिया जब गुरुवर के श्रीचरणों में पहुँची, तो वात्सल्य और आशीर्वाद का ऐसा संगम बना कि उपस्थित जन भावविभोर हो उठे।
गुरुवर ने प्रेमपूर्वक उसे अपनी मंगल दृष्टि से निहारा, भरपूर आशीर्वाद प्रदान किया और फिर उसके जीवन की पहचान बन जाने वाला एक अनुपम नाम दिया—”विभाति”।
जैसे भोर की पहली किरण रात्रि के अंधकार को चीरकर धरती को आलोकित कर देती है, वैसे ही “विभाति” नाम अपने भीतर उजास, सौम्यता और शुभता का संदेश समेटे हुए है। लगता है मानो गुरुवर ने केवल नाम नहीं रखा, बल्कि उसके भविष्य के माथे पर प्रकाश की एक सुंदर बिंदी अंकित कर दी हो।
किस्मत भी कभी-कभी बड़े अद्भुत ठुमके लगाती है। जिस उम्र में बच्चे अपनी पहचान भी नहीं जानते, उस उम्र में इस नन्हीं परी की पहचान एक संत के श्रीमुख से निकले नाम से हो गई। अब यह नाम केवल पुकार नहीं, बल्कि आशीर्वाद का वह दीपक है जिसकी लौ जीवनभर उसके पथ को प्रकाशित करती रहेगी।
गुरुवर ने कहा—”विभाति”… और देखते ही देखते एक नन्हीं किलकारी आशीर्वादों की आभा में नहा गई।
श्रीश जैन ललितपुर से प्राप्त आलेख संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
