राग इतना हानिकारक नहीं जितना कि क्रोध मान माया लोभ यह चार कषाय हानिकारक कारक है। नियम सागर महाराज

धर्म

राग इतना हानिकारक नहीं जितना कि क्रोध मान माया लोभ यह चार कषाय हानिकारक कारक है। नियम सागर महाराज
विदिशा
संसार की बातें तो दिन भर चलती रहती है,कौन आया कौन गया सबसे अधिक समय हमारा विषय कषाय की बातों में तथा पाप की क्रियाओं में ही जाता है उपरोक्त उदगार निर्यापक श्रमण नियमसागर जी महाराज ने शीतलधाम विदिशा में प्रातःकालीन प्रवचन सभा में व्यक्त किये।

 

उन्होंने कहा कि आत्मा की चर्चा ही धर्म की चर्चा है वैराग्य तभी होता है जब हम संसार की बातों को कम करके आत्मा की चर्चा में रुचि लेंने लगते है मुनि श्री ने कहा कि आचार्यों ने वीतरागता को ही धर्म कहा है राग इतना हानीकारक नहीं जितना कि क्रोध मान माया लोभ यह चार कषाय हानिकारक है। संसार के सुख और दुःख दौनों को भोगने वाली यह आत्मा ही है और संसारी प्राणी को सुख कम और दुःख ज्यादा है उन दुःखों का अंत सिर्फ आत्मा ही कर सकती है, आत्मा को समय दोगे तो वही आपका “स्व समय” है बाकी तो सभी “पर समय” जो जीव अपनी आत्मा को समय देता है वह जीव सम्यक् दृष्टी है।

उदाहरण देते हुये कहा कि पैर में कांटा लगा वेदना किसको हुई? आत्मा को ही वेदना महसूस होती है। मुनि श्री ने कहा कि टृस्टी ही बनना है तो धर्मक्षेत्र के बनो आचार्य उपाध्याय और निर्यापक धर्मक्षेत्र के ही टृस्टी है।

उन्होंने कहा कि निर्यापक शव्द प्रचलन में नहीं था लेकिन आचार्य गुरुदेव इसे प्रचलन में लाये। संसार में चार गति होती है तथा पंचम गति मोक्ष है। टृस्टी रहोगे तो मोक्ष सुख तो दूर की बात है सल्लेखना मरण भी नहीं होगा उन्होंने कहा जो वृति होकर भी संसार के राग रंग में फंसे होते है उनको समाधिमरण नसीब नही होता।

 

उदाहरण देते हुये कहा कि मंदिर पूरा बन जाये और उस पर कलशारोहण न हो तो वह मंदिर अधुरा रहता है उसी प्रकार आप जिंदगी भर वृत संयम धारण करो लेकिन अंत मे मरण सल्लेखना समाधि न हो तो बिना शिखर के मंदिर समान वह अधुरा माना जाता है।

उपरोक्त जानकारी जैन समाज प्रवक्ता एवं चातुर्मास कमेटी के मीडिया प्रभारी अविनाश जैन ने देते हुये बताया प्रवचन के उपरांत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर प्रातः10-15 बजे शीतलधाम में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय त्योहार मनाया जाऐगा। जिला जैन समाज विदिशा, श्री दिगंबर जैन तीर्थ शीतलविहार न्यास टृस्ट श्री सकल दि. जैन समाज एवं चातुर्मास कमेटी ने साधर्मी वंधुओ से इस अवसर पर उपस्थित रहने की अपील की है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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