Woman in a pink and blue sari crouches by an outdoor water tap, washing dishes in metal basins amid a rural setting.

घर में बर्तन मानने वाली को सुवेंदु अधिकारी ने बनाया मंत्री

राजनीति

घर में बर्तन मानने वाली को सुवेंदु अधिकारी ने बनाया मंत्री

पश्चिम बंगाल की सियासत में आज एक नया और ऐतिहासिक इतिहास लिखा गया है. राज्य में पहली बार बनी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के पूर्ण मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के लोक भवन में संपन्न हो चुका है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी 35 सूरमाओं की जो फाइनल फौज तैयार की है, उसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला और भावुक करने वाला नाम कलिता माझी का है, जो कभी दूसरों के घरों में बर्तन मांजने का काम करती थीं। राज्यपाल आर. एन. रवि ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई

 

 

बंगाल की सियासत में आज एक नया और ऐतिहासिक इतिहास लिखा गया है. राज्य में पहली बार बनी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के पूर्ण मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के लोक भवन में संपन्न हो चुका है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी 35 सूरमाओं की जो फाइनल फौज तैयार की है, उसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला और भावुक करने वाला नाम कलिता माझी का है, जो कभी दूसरों के घरों में बर्तन मांजने का काम करती थीं. राज्यपाल आर. एन. रवि ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

 

 

‘घरों में बर्तन मांजने वाली’ को सुवेंदु अधिकारी ने बनाया मंत्री, देखें लिस्ट
कौन हैं दूसरों के घरों में बर्तन मांजने वाली कलिता माझी बनीं बंगाल की नई मंत्री.
समारोह की शुरुआत सुबह ठीक 10:59 बजे ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने एक-एक करके नए मंत्रियों के नामों की घोषणा की. सुवेंदु अधिकारी की इस नई और फाइनल टीम में जहां पुराने दिग्गजों के तजुर्बे को तरजीह दी गई है, वहीं पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा और जमीनी संघर्ष से उभरे कई नए चेहरों को शामिल करके बंगाल के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया गया है.

 

बर्तन मांजने वाली कलिता माझी बनीं बंगाल की नई मंत्री
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, सुवेंदु सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार की सबसे बड़ी और दिल को छू लेने वाली तस्वीर तब सामने आई, जब कलिता माझी का नाम राज्य मंत्री के रूप में पुकारा गया. कलिता माझी का पूरा जीवन बेहद गरीबी और तंगहाली में बीता है. उन्होंने गुजारे के लिए दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन मांजने का काम किया, लेकिन जब उन्हें भाजपा की तरफ से मौका मिला, तो उन्होंने टीएमसी के मजबूत किले को ध्वस्त कर दिया. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें अपनी कैबिनेट में शामिल करके न केवल महिलाओं और गरीब तबके को एक बहुत बड़ा और कड़ा राजनीतिक संदेश दिया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि नई सरकार में जमीन से जुड़े असली चेहरों को ही आगे बढ़ाया जाएगा. कलिता माझी के मंत्री बनते ही पूरे हुगली और उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है.

 

कलिता माजी का ‘काम वाली दीदी’ से ‘माननीय मंत्री’ तक का सफर काफी संघर्ष भरा रहा. दूसरों के घरों में कपड़े धोने वाली कलिता के पति दिहाड़ी मजदूर हैं. बेटे ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है. भावुक होकर कलिता ने कहा कि यह अवसर सिर्फ मोदी जी ही दे सकते थे.

पश्चिम बंगाल की सियासत से लोकतंत्र की ताकत को बयां करने वाली एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कभी दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन मांजने का काम करने वाली कलिता माजी आज अपने संघर्ष और जनसमर्थन के दम पर विधानसभा चुनाव जीतकर मंत्री पद तक पहुंच चुकी हैं. पूर्वी बर्दवान जिले के अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित आउसग्राम विधानसभा क्षेत्र से BJP के टिकट पर मिली इस ऐतिहासिक जीत ने राजनीतिक गलियारों में एक नई मिसाल कायम की है.

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