:- अंतर्मनl आचlर्य श्री प्रसन्न सागरजी गुरुदेव के स्वप्न मै आई 2000 वर्ष प्राचीन श्री अरहनाथ भगवान प्रतिमा
पुष्पगिरी तीर्थ,
परम पूज्य आचार्य श्री 108 पुष्पदंतसागरजी गुरुराज के पावन सानिध्य में निर्माणाधीन पुष्पगिरी तीर्थ पर इन दिनों विविध धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों की भव्य श्रृंखला निरंतर संचालित हो रही है। इसी क्रम में आज एक अत्यंत ऐतिहासिक एवं श्रद्धामय आयोजन संपन्न हुआ।
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागरजी महाराज के दिव्य स्वप्न मै आई लगभग 2000 वर्ष से अधिक प्राचीन भगवान श्री अरहनाथ जी की प्राचीन प्रतिमा को विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ पुष्पगिरी तीर्थ में विराजमान किया गया। इस पुण्य अवसर पर पुष्पगिरी तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री प्रकाश अजमेरा, सचिव श्री सुभाष जैन, श्री प्रमोद जैन, श्री महावीर गंगवाल, श्री आकाश जैन, श्री विकल्प जैन,ने विशेष रूप से सह-भागिता निभाते हुए प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक विराजमान कराया।
प्रतिमा विराजमान होते ही सम्पूर्ण तीर्थ क्षेत्र भक्तिभाव, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया एवं निर्माण कार्य गति से सम्पन्न होने लगा ।
उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान अरहनाथ के जयघोष के साथ धर्मलाभ प्राप्त किया तथा इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
आचार्य श्री पुष्पदंतसागरजी महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में पुष्पगिरी तीर्थ निरंतर धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनता जा रहा है। यहां प्रतिदिन पूजन, अभिषेक, प्रवचन, स्वाध्याय एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हो रहा है, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालु लाभान्वित हो रहे हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान श्री अरहनाथ की प्राचीन प्रतिमा का पुष्पगिरी तीर्थ में विराजमान होना जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि है, जो आने वाली पीढ़ियों को धर्म एवं आध्यात्मिकता से जोड़ने का कार्य करेगी।
नरेंद्र अजमेरा – पियूष कासलीवाल, औरंगाबाद प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
