रीछड़ियां गांव के बच्चों में गायत्री परिवार के बाल स्पंदन संस्कार शिविर को लेकर उत्साह, प्रतिदिन 30 बच्चे पहुंच रहे रामगंजमंडी
रीछड़ियां।
बच्चों में भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं रचनात्मकता के विकास के उद्देश्य से आयोजित गायत्री परिवार के पांच दिवसीय बाल स्पंदन संस्कार शिविर को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। 12 किलोमीटर दूर रीछड़ियां गांव से प्रतिदिन सुबह 7 बजे करीब 30 बच्चे रामगंजमंडी पहुंचकर शिविर में सहभागिता कर रहे हैं।
शिविर के दौरान बच्चों को कला, अभिव्यक्ति, व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेते हुए अपने आत्मविश्वास, संवाद कौशल एवं अभिव्यक्ति क्षमता का विकास किया। साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़ी प्रेरणादायक सीख भी प्राप्त हो रही है।



आरोहण संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष मोहित ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को व्यक्तित्व विकास एवं प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने के अवसर कम मिल पाते हैं। ऐसे में संस्था का प्रयास है कि बच्चों को आवश्यक सहयोग देकर उनके सर्वांगीण विकास एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
शिविर प्रभारी आशीष पोरवाल ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भविष्य में भी ग्रामीण बच्चों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रहेंगे।
ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार विकास एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।
