सृष्टि की अवस्था को जानें सृष्टि का ज्ञान बहुत जरूरी है- सुधासागर महाराज अब शान्ति नगर त्रिकाल चौबीसी सुधर्मादय तीर्थ क्षेत्र के रूप में जानी जायेगा
अशोक नगर –
सृष्टि की अवस्था को जानें सृष्टि का ज्ञान बहुत जरूरी है। जब तक तुम सृष्टि की अवस्था का ज्ञान नहीं करोगे ,तुम्हारे लिए सृष्टि समझ में ही नहीं आयेगी। अभी सृष्टि को समझने का उपदेश चल रहा है कहीं अंतिम समय तक आप जिंदगी की व्यवस्थाओं में ही ना लगे रहे। इस जिंदगी को तीन भागों में बांटकर अपने जीवन को व्यवस्थित करें, बालक, युवा तीसरे वृद्ध अवस्था। इसको दो भागों में विभाजन कर प्रोण भाग में तुम अपने अधीनस्थ की व्यवस्था बनाओ। जवानी में तो आपने स्वयं की व्यवस्था बनाई ।अब प्रोण अवस्था में आपको अपने बेटा-बिटिया के जीवन की सारी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना आपका प्रथम दायित्व है।
उन्होंने कहा कि बालपने के बाद जवानी आते ही युवा स्वयं को संभाल लेगा। तब तुम्हारी पढ़ाई-लिखाई भोजन आदि की सुविधाएं आपको परिवार से मिलती है, विद्यार्थी जब तक पढ़ रहा है सारी व्यवस्थाएं परिवार करेगा शादी के बाद स्वयं की आवश्यकताओ की पूर्ति करते हुए घर ग्रहस्थी को भी चलाना है ये विधि महापुराण में लिखी है।

डॉ. अम्बेडकर जैन दर्शन के बहुत बड़े ज्ञाता थे उन्होंने सेवा काल का समय कानूनी रूप से निश्चित किया है ये आगम में लिखा है। साठ साल के बाद कर्म बंध भी दुगुनी गति से होने लगेगा। जैसे नदी पर खतरे के निशान से ऊपर पानी बढ़ते ही अपने आप को सावधान किया जाता है वैसे ही साठ वर्ष के बाद भी वही काम कर रहा है।60 वर्ष के बाद अपने जीवन के दो भाग करते हुए अपने जीवन के साथ बच्चों की व्यवस्था करे दस साल तक व्यवस्था करना, अगल चरण में अपने आप को व्यवस्थित करें। अवस्था को देखते हुए धीरे धीरे व्यापार धन्धा आदि शादी में परिवार तक जाते हुए अपने वान प्रस्थ की तैयारियां। बारह वर्षो में सब कुछ छोड़ना है ।निर विकल्प निर द्रव्द हो जाये इस तरह की जिंदगी जीने पर सब कुछ करने पर भी उसका खाते सही रहेंगे। ग्रहस्थ रहते हुए भी आप संयम की ओर बढ़ते चले जाना है।
उक्त आश्य के उदगार आदीश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए ।

अब शान्ति नगर त्रिकाल चौबीसी सुधर्मादय तीर्थ क्षेत्र के रूप में जानी जायेगी*
इसके पहले धर्म सभा में जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि आज परम पूज्य राष्ट्र संत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने त्रिकाल चौबीस जिनालय को श्री दिगम्बर जैन धर्मोदय तीर्थ क्षेत्र नाम देते हुए इसको विकसित करने स्वरूप चार वेदियों का शिलान्यास प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भईया के मंत्रोच्चार के बीच किया गया जिसका सौभाग्यप्रदीप कुमार मनोज कुमार संजीव कुमार कांसल परिवार प्रदीप कटपीस,महेन्द्र कुमार रोमिल डा. कमलेश, उमेश ,अर्चित कांसल, संजीवकुमार मनोजकुमार साहिल, यश महावीर स्वीट्स, नेमीचंद ,आंनद कुमार, नरेंद्र कुमार ,नवीन सर , राजीव ,मनोज ,मनीष आशीष, अभिषेक अनुराग ठेकेदार परिवार सहित अन्य प्रमुख जनों को मिला। इस दौरान अन्य शिलाएं भी स्थापित की गई ।सभी का सम्मान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई सहित अन्य प्रमुख जनो ने किया 


*
मुनि पुंगव सुधा सागर संत निवास का हुआ शिलान्यास
आज का दिन अशोक नगर जैन समाज के लिए उपलिब्धयो से भरा रहा आज नवीन क्षेत्र धर्मोंदय तीर्थ क्षेत्र पर नवीन संत निवास मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी संत निवास का शिलान्यास प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भईया के मंत्रोच्चार के बीच संत सुधा सागर संत शाला शिलान्यास जैन समाज के पदाधिकारियों की उपस्थिति में नेमीचन्द्र आनंद , नवीन सर ठेकेदार परिवार द्वारा सामुहिक रूप से किया गया ।इस दौरान भक्तो की जय जय कार के बीच शिलान्यास की विधि सम्पन्न की गई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
