मुसीबत आए तो होश ने खोये और खुशी आए तो जोश पर कंट्रोल करें प्रसन्न सागर महाराज

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मुसीबत आए तो होश ने खोये और खुशी आए तो जोश पर कंट्रोल करें प्रसन्न सागर महाराज
औरंगाबाद/गाजियाबाद।
परम पूज्य गुरुदेव अंतर्मना आचार्य श्री 108प्रसन्न सागरजी महाराज जी एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ की अहिंसा संस्कार पदयात्रा भारत मंडपम दिल्ली से तरुणसागरम तीर्थ गाजियाबाद की ओर चल रही है उसी श्रुंखला आज यह अहिंसा संस्कार पदयात्रादिनाँक 17 दिसम्बर 2025, बुधवार सुबह 7 बजे
14, सत्यवती कुटी जैन मंदिर, वृंदावनगार्डन ईस्ट, राज बाग, साहिबाबाद, गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से श्री नेमिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, धन्वंतरि हॉस्पिटल के पास में, राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद 11 किलोमीटर के लिए होगी और शाम में तरुणसागरम तीर्थ पर पोहचेगी ऐसी संभावना है।

 

मंगलवार की बेला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा कि जिस तरह खुशी और मुसीबत बिना किसी अपॉइंटमेंट के आ जाती है, उसी तरह अपने आप को हमेशा तैयार रखें.. मुसीबत आये तो होश ना खोयें और खुशी आये तो जोश पर कन्ट्रोल करे..!

उन्होंने कहा बहुत कम लोग है जो आप बीती और पर बीती को ठीक से समझते हैं। यदि हम पर दुःख का पहाड़ आया और हमने जैसे तैसे उसका सामना किया, ठीक वैसे ही – जब किसी पर दुःख आये तो हम उसी भाव से उसे समझें। वरना इस दुनिया में ऐसे लोग ज्यादा है, जो कहते हैं – फूल आहिस्ते तोड़ो – फूल बड़े नाजुक है। इसे ही कहते हैं – दुहरा जीवन।

 

सबका जीवन मूल्यवान है। हमारी खुशी और दूसरों की सफलता हमारे जीवन की उन्नति में वरदान सिद्ध हो सकती है। अधिकांश दुःख, परेशानी, पीड़ा, दर्द हमारी सोच पर निर्भर करते हैं। विचारों और भावनाओं के इन दो रूपों की तुलना हमें दूसरों के सुख शान्ति कल्याण के अनमोल जीवन बनाने में कारण बनेगी। तीन मित्र धन की खोज में घुम रहे थे। चलते चलते अचानक एक मित्र को चांदी की खान दिख गई ओर वह कहते कहते चला गया – हमको हमारा मुकाम मिल गया। दूसरा मित्र उदास परेशान होकर आगे चला जा रहा था कि अचानक उसे भी सोने की खान दिखाई दी ओर वह खुशी से झूम गया और खदान में पहुंच गया। तीसरा मित्र – मरता क्या ना करता, रोते बिलखते, पैर पटकते हुये चला जा रहा था कि अचानक उसे हीरे की खदान दिखी और वह देखते ही बावला हो गया। जिसके भाग्य में जो था वह उसको मिल गया। इसलिए — किसी की खुशनसीबी से अपने आप को हैरान-परेशान मत करो बल्कि सोचो –परमात्मा के पास देर है अन्धेर नहीं…!!!

नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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