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गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी का डीएसपी श्री अशोक शर्मा ने लिया आशीर्वाद आत्मा को भी ज्ञान का भोजन दें: स्वस्तिभूषण माताजी

धर्म

गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी का डीएसपी श्री अशोक शर्मा ने लिया आशीर्वाद आत्मा को भी ज्ञान का भोजन दें: स्वस्तिभूषण माताजी

केशवरायपाटन

परम पूजनीय भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्तिभूषण माताजी का मंगल आशीर्वाद लेने नगर के dsp श्री अशोक शर्मा पहुंचे उन्होंने मूलनायक मुनिसुव्रतनाथ भगवान के दर्शन भी किए इस अवसर पर उनका स्वागत अभिनंदन भी किया गया।

 

 

वही अतिशय क्षेत्र में चल रही शास्त्री और विद्वान कार्यशाला में स्वस्ति भूषण माताजी ने कहा कि ज्ञान मनुष्य की सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपदा है।Advertisement poster for namkeen snacks featuring bowls of fried snacks and contact numbers, with Hindi text in the background.Promotional collage advertising astrological advice, featuring a woman's portrait on the left, a decorative lit diya with rose petals on the right, and bold text including the phone number 6377240323.Golden advertisement for an 8×10 inch Premium LED Light Frame featuring Buddha and listed features like UV Print, waterproof, and contact info on the postery background.

 

वर्तमान परिप्रेक्ष पर माताजी ने कहा 

आज हर व्यक्ति डॉक्टर, इंजीनियर और सीए बनना चाहता है, लेकिन धर्म और समाज सेवा के प्रति रुचि कम होती जा रही है। माताजी ने कहा कि केवल धन कमाना ही जीवन का उद्देश्य नहीं है, बल्कि आत्मा के विकास के लिए स्वाध्याय और आध्यात्मिक ज्ञान भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्मा का मुख्य गुण ज्ञान और दर्शन है। आंख और कान केवल साधन हैं, वास्तविक देखने और सुनने वाली आत्मा ही होती है। यदि नियमित स्वाध्याय और षट आवश्यक किए जाएं तो जीवन में तनाव और चिंता कभी नहीं होगी। 

 

 

 

माताजी ने गुलाबजामुन और जलेबी का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मिठास बाहर से होती है, वैसे ही बाहरी ज्ञान अस्थाई होता है, जबकि आत्मा स्वयं ज्ञान स्वरूप है। उन्होंने कहा कि जो अपने स्वभाव में रहता है, वही सही मार्ग पर चलता है।

 

 

 

स्वस्ति भूषण माताजी ने युवाओं से धर्म, संस्कार और समाजसेवा को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। माताजी ने कहा कि नियमित अध्ययन और आत्मचिंतन से मानसिक शांति मिलती है और व्यक्ति सही मार्ग पर आगे बढ़ता है। आत्मा का विकास ही जीवन की वास्तविक सफलता है।

              संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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