शाश्वत तीर्थ अयोध्या में भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की चिंतन बैठक सम्पन्न
अयोध्या.।
शाश्वत तीर्थ अयोध्या में भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि दिगम्बर जैन मंदिर, बड़ी मूर्ति, रायगंज में 10 मई को भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की एक चिंतन बैठक परमपूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के ससंघ सान्निध्य में सम्पन्न हुई। शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष को अत्यन्त प्रभावशाली प्रभावनापूर्वक सम्पन्न किये जाने के संदर्भ में सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में यह मीटिंग सम्पन्न की गयी।
बैठक का शुभारंभ प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन मंत्री-उत्तरप्रदेश-उत्तरांचल तीर्थक्षेत्र कमेटी के मंगलाचरण से शुभारंभ हुआ एवं कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन उपस्थित वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा किया गया, जिसमें मुख्यरूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन, महामंत्री संतोष पेंढ़ारी जी, कोषाध्यक्ष अशोक दोशी एवं समस्त आंचलीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों के द्वारा किया गया।
इसी क्रम में जम्बू प्रसाद जी ने एक सशक्त योजना के द्वारा तीर्थक्षेत्र कमेटी के इस 125 वर्षीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने बहुआयामी विविध आयोजनों के द्वारा कार्यक्रम को मनाने की एक योजना प्रस्तुत की। जवाहरलाल जैन (चेयरमैन-शतकोत्तर रजत जयंती वर्ष समिति) के द्वारा अनेक योजनाएं इस कार्यक्रम को चार-चांद लगा सकती हैं, प्रस्तुत की गयीं। तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय मंत्री हसमुख गांधी के द्वारा एक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की गयी, जिसमें प्रान्तीय एवं क्षेत्रीय राष्ट्रीय सभी पदाधिकारी जुड़कर किस प्रकार से इस होने वाले आयोजन को सम्पन्न कर सकते हैं, उसकी संरचना प्रस्तुत की गयी। इसी क्रम में मध्यप्रदेश अंचल के अध्यक्ष माननीय डी.के. जैन ने अपने विचार रखे कि हम लोग मध्यप्रदेश में किस प्रकार से इस शतकोत्तर वर्ष के कार्यक्रम को सम्पन्न कर सकते हैं। डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने तीर्थ चक्रवर्ती बनने की योजना से सभी को अवगत कराया। इस वर्ष के अन्तर्गत तीर्थ चक्रवर्ती बनाये जा रहे हैं, जिसकी राशि 1लाख रुपये रखी गयी हैं। इस योजना के माध्यम से हम हर किसी को तीर्थक्षेत्र कमेटी से जोड़ने का उपक्रम चला रहे हैं।
इसी क्रम में शतकोत्तर रजत जयंती वर्ष के चेयरमैन स्थापना वर्ष समिति के श्री प्रदीप जैन, पी.एन.सी.-आगरा ने अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य के द्वारा होने वाले इस कार्यक्रम में हम किस प्रकार से अपनी सहभागिता कर सकते हैं। इस बात को रखा एवं समायोजन की पूरी संरचना प्रस्तुत की। किस व्यक्ति की क्या भूमिका होनी चाहिए, इस 125 वर्षीय कार्यक्रम के लिए अपने ओजस्वी वक्तव्य के द्वारा सभी को एक प्रेरणामयी वक्तव्य प्रदान किया। महामंत्री संतोष पेंढ़ारी ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाने के लिए अनेक बिन्दुओं पर प्रकाश डाला कि हम किस प्रकार से अपने स्तर से शतकोत्तर वर्ष के लिए कार्य कर सकते हैं। इसी क्रम में टि कैतनगर महिला मण्डल के द्वारा एक सुन्दर भक्ति नृत्य प्रस्तुत किया गया। उत्तरप्रदेश के संयोजक श्री आदीश जैन सर्राफ ने भी अपनी बात को रखा एवं श्री संजीव जैन, जैन प्लास्टिक-लखनऊ ने भी तीर्थक्षेत्र कमेटी के इस कार्य का सम्मान किया और सभी से जुड़ने का आह्वान किया।
इसी क्रम में जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को उद्बोधन देते हुए कहा कि प्रत्येक कमेटी में मुख्यरूप से तीन परिषद का गठन होना चाहिए। अंतरंग परिषद, बाह्य परिषद एवं सामाजिक परिषद। इस प्रकार से हम अपने कार्यक्रमों का समायोजन करें एवं समाज को जोड़ने का उपक्रम सदैव करें। अपने तीर्थों की सुरक्षा एवं उनका संवर्धन, विकास अवश्य करें। प्राचीन तीर्थों को गति प्रदान करें, उनके विकास के लिए अवश्य योजनाएँ बनाएं एवं तीर्थक्षेत्र कमेटी के इस 125 वर्षीय कार्यक्रम में हमारा मंगल आशीर्वाद है। इसी क्रम में प्रज्ञाश्रमणी आर्यिकारत्न श्री चंदनामती माताजी ने कार्यकर्ताओं को अपना मंगल उद्बोधन प्रदान किया। अयोध्या तीर्थक्षेत्र के यशस्वी पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी ने कहा कि यह कार्यक्रम ऐसा होना चाहिए कि जिसको सदैव आने वाली पीढ़ियाँ याद रखें। सन् 1989 के अंदर एक कार्यक्रम तीर्थक्षेत्र कमेटी के अधिवेशन का लालकिला-दिल्ली मैदान में सम्पन्न किया गया था, जिसमें लगभग 1 लाख लोग सम्मिलित हुए थे, ऐसा ही प्रभावशाली कार्यक्रम होना चाहिए, जिससे तीर्थों के प्रति लोगों की सम्बद्धता बढ़े, जिससे जन-जन को जोड़ा का सके एवं तीर्थों की सशक्त भूमिका बताई जा सके। इस कार्यक्रम उद्घाटन 22 एवं 23अक्टूबर 2026 को मथुरा चौरासी में किया जाना है। उसके पश्चात् 1वर्ष तक सारे देश में एवं प्रदेश में अनेक आयोजनों के द्वारा सम्पन्न होना है।
अयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी के मंत्री विजय कुमार जैन के अनुसार श्री विनोद जी बाकलीवाल के आभार के द्वारा सभा का समापन किया गया।

सभी प्रान्तों के वरिष्ठ पदाधिकारीगण इस बैठक में सम्मिलित हुए। मुख्यरूप से संजय जैन पापड़ीवाल, प्रद्युम्न जैन, सुुनील जैन सर्राफ, मनोज जैन, राकेश जैन, मनोज कुमार जैन-आगरा, सुनयना जैन, मीनू जैन, रमाकांत जैन, वीरेश जैन सेठ, जयकुमार जैन, राजकुमार जैन कोठारी, संजय जैन ठोलिया, अनिल जैन, प्रीतविहार-दिल्ली, प्रशांत जैन, हेमचंद जैन, संतोष घड़ी, अमरचंद जैन, विनोद जैन बिहारी, संदेश जैन, डॉ. अनुपम जैन, संजीव जैन सराफ, वैâलाशचंद जैन सर्राफ, शुभचंद जैन, कमल जैन पलवल, रितेश जैन, परमेन्द्र जैन, पारस जैन, निधेश जैन आदि गणमान्य महानुभाव उपस्थित रहे.।
प्रेषक– उदयभान जैन जयपुर
94143-06696
