शिलान्यास • मुनिसुव्रतनाथ अतिशय क्षेत्र में शिखर शिलान्यास मंदिर भाव से बनता है : आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी
केशवरायपाटन
श्रीमुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में शनिवार को श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक भावनाओं के बीच मूलनायक प्रतिमा के मुख्य जिनालय के शिखर शिलान्यास का कार्यक्रम हुआ।
चंबल नदी तट पर स्थित अतिशय क्षेत्र परिसर में स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में हुए कार्यक्रम में श्रद्धालु शामिल हुए। मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक विधानों के बीच शिलान्यास हुआ।

माताजी ने कहा कि मंदिर केवल पत्थरों से नहीं बनता, बल्कि श्रद्धा और भाव से निर्मित होता है। उन्होंने कहा कि शिखर केवल स्थापत्य का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन का लक्ष्य भी है। इसका संदेश है कि मनुष्य को ऊंचा उठते हुए मोक्ष की ओर अग्रसर होना चाहिए। सभी पुण्यार्जकों ने धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कलश, प्रामिड, स्फटिक मणि और विभिन्न द्रव्यों की स्थापना कर शिलान्यास कराया।



क्षेत्र में प्राचीन मंदिर के जीणर्णोद्धार का कार्य तेज गति से चल रहा है। मंदिर परिसर में तीन शिखरों का निर्माण किया जाएगा। मूलनायक प्रतिमा के मुख्य जिनालय पर 51 फीट ऊंचा भव्य शिखर बनेगा, जबकि अन्य दो जिनालयों पर 31-31 फीट ऊंचे शिखर निर्मित किए जाएंगे।



शिखर निर्माण का कार्य उड़ीसा के दक्ष कारीगरों की ओर से किया जा रहा है, जो पारंपरिक शिल्पकला और धार्मिक स्थापत्य में विशेष अनुभव रखते हैं। निर्माण पूरा होने के बाद मंदिर की भव्यता और आकर्षण में और वृद्धि होगी।
समारोह के दौरान क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की समृद्धि और शांति की कामना की।
चंबल तट पर स्थित यह अतिशय क्षेत्र लंबे समय से जैन समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। अब शिखर निर्माण के साथ यह तीर्थ और अधिक भव्य स्वरूप में सामने आएगा, जिससे श्रद्धालुओं को नई आध्यात्मिक अनुभूति मिलेगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
