तीर्थंकरों की धर्म परंपरा त्याग संयम वैराग्य शांति संस्कृति का जीवंत मार्ग-आचार्य वर्धमान सागर—-सरावगी परिवार ने मंदिर परिसर के लिए भूखंड किया दान
जयपुर-24 अप्रैल आचार्य वर्धमान सागर जी 35 पीछी संघ सहित श्याम नगर में विराजित हैं। आचार्य श्री शनिवार को प्रातः संघ सहित विहार कर निर्माण नगर कॉलोनी के लिए रवाना होंगे। गुरुभक्त सुरेश सबलावत के अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की दोपहर को अष्ट द्रव्यों से विभिन्न फलों नैवेद्य पुष्पों से की गई । साथ ही भक्तांमर महामंडल विधान का आयोजन का आयोजन संगीत के साथ किया गया । जिसमें इंद्र इंद्राणियों ने भक्ति नृत्य करते हुए मंडल पर श्री जी की आराधना अष्ट द्रव्य से की।
आचार्य श्री ने की अभूतपूर्व धर्म प्रभावना–
गुरु भक्त सुरेश सबलावत ने बताया कि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा में पंचकल्याणक व जिनेश्वरी दीक्षा प्रदान कर गुलाबी नगरी की ओर विहार किया था तभी से जयपुर शहर में लगातार धर्म प्रभावना चल रही है।
अतिशय क्षेत्र पदमपुरा से खनिया चूलगिरी में मंगल प्रवेश हुआ, उसके उपरांत खानिया में चूलगिरी पहाड़ पर स्थित भगवान महावीर की खड्गासन प्रतिमा के दो बार पंचामृत अभिषेक किए गए। उसके बाद अचार्य संघ का गुलाबी नगरी के चौकड़ी मोदी खाना में मंगल प्रवेश होने के बाद श्री दिगंबर जैन मंदिर पाटोदी में लगभग 8 दिवसीय प्रवास रहा । इस दौरान चार दीवारी के प्राचीन जिनालयों के पुरातत्व की जानकारी आचार्य संघ ने की। इसके उपरांत आचार्य श्री ने चार दीवारी के प्राचीन दिग जैन मंदिरों के दर्शन किए साथ ही धर्म की महिमा को प्रतिपादित किया। इसके बाद आचार्य श्री भट्टारक जी की नसिया पहुचे जहां आठ दिवसीय प्रवास में निरंतर धर्म की महिमा गाई गई। विरासत संरक्षण विषय पर सभी मंदिरों के पदाधिकारियों की संगोष्ठी हुई। जिसमें चौकड़ी मोदी खाना के साथ-साथ चार दीवारी के प्राचीन दिगम्बर जैन मंदिरों के पुरातत्व को संरक्षित करने का संदेश दिया। वहीं दूसरी ओर बच्चों को संस्कारित करने के उद्देश्य को लेकर विश्व णमोकार दिवस पर सी-स्कीम स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन स्कूल में बच्चों को णमोकार महामंत्र का महत्व, इसका जीवन में असर कैसे हो, इसकी जानकारी दी। इसके उपरांत अचार्य संघ का श्याम नगर स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर व महावीर मंदिर में लगभग 15 दिन का प्रवास रहा। जिसमें आचार्य श्री की प्रेरणा से आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के पीछे स्थित 323 वर्ग गज जमीन भंवरलाल बाबूलाल सरावगी परिवार ने साधु संतों के आहार,निहार व कुए का पानी साधु संतों को मिल सके, इस भावना को समझते हुए श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर को भूमि को दान स्वरूप भेंट की।
आचार्य श्री की चर्या उपदेश से प्रभावित होकर श्याम नगर निवासी भंवर लाल सरावगी , बाबूलाल सरावगी परिवार ने श्री आदिनाथ जिनालय श्याम नगर के लिए भूखंड दान किया ।मंदिर समिति द्वारा स्वागत कर अभिनंदन किया ।
शुक्रवार को हुई धर्म सभा में आचार्य श्री ने 24 तीर्थंकरों के जिनधर्म में त्याग, दान और संस्कृति की महिमा, दश धर्मो गृहस्थ के अनिवार्य कर्तव्यों, चार दान के 7 क्षेत्रों का उपदेश हुआ । धन और संपत्ति का उपयोग के तीन ही मार्ग है। 1 भोग 2. नाश 3. दान जो दान में लगायावह अक्षय बन गया।
आचार्य श्री का मंगल विहार —
अध्यक्ष निहाल चन्द पाण्डया व मुनि भक्त सुरेश सबलावत ने बताया कि आचार्य श्री ससंघ शनिवार को प्रातः 6:00 बजे श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर श्याम नगर से विहार कर निर्माण नगर पहुंचेंगे ।वहां से नमीसागर कॉलोनी, झोटवाड़ा होते हुए बड के बालाजी स्थित दिगम्बर जैन मंदिर की ओर संघ सहित विहार करेंगे।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
