केपाटन में मुनिसुव्रतनाथ जन्मकल्याणक महोत्सव में श्रद्धा और भक्ति का उमड़ा सैलाब, शोभायात्रा निकालीजीवन में आध्यात्मिकता जरूरी, कई बार दवा की जगह दुआ से ही काम हो जाता है: आर्यिका माताजी

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केपाटन में मुनिसुव्रतनाथ जन्मकल्याणक महोत्सव में श्रद्धा और भक्ति का उमड़ा सैलाब, शोभायात्रा निकालीजीवन में आध्यात्मिकता जरूरी, कई बार दवा की जगह दुआ से ही काम हो जाता है: आर्यिका माताजी

केशवरायपाटन

धार्मिक नगरी में जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर श्रीमुनिसुव्रतनाथ स्वामी के जन्म, तप और ज्ञान कल्याणक महोत्सव के अवसर पर रविवार को अतिशय क्षेत्र में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा।

 

 

 

आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में सुबह गर्भगृह में मूलनायक प्रतिमा का विशेष जन्मकल्याणक अभिषेक किया गया। चर्मण्वती नदी तट पर अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी।

 

 

 

पाटन वाले बाबा के जयकारों के साथ श्रद्धालु शांतिधारा व मस्तकाभिषेक में शामिल हुए। मंडल पूजन के बाद श्रीजी को स्वर्ण पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य नरेंद्र गंगवाल एवं संजय गंगवाल को प्राप्त हुआ। शोभायात्रा में महिला बैंड, शहनाई वादक और विशेष ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच आयोजन आरंभ हुआ। पीले पीतांबर धारण किए श्रद्धालु रथ को हाथों से खींचते हुए चल रहे थे। महिला, पुरुष व बच्चे हाथों में ध्वज-पताकाएं लेकर भजनों पर झूमते हुए साथ चल रहे थे। 

 

 

नगर भ्रमणके दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पलक-पांवड़े बिछाकर श्रीमुनिसुव्रतनाथ स्वामी के दर्शन किए। शोभायात्रा में शामिल छह बग्घियों में इंद्र-इंद्राणियों का प्रतीकात्मक रूप विराजमान रहा।

 

 

 

प्रबंध कमेटी अध्यक्ष गुलाबचंद जैन, मंत्री राजेंद्र जैन बिड्डू, क्षेत्रीय संयोजक विश्वास कुमार जैन व आशीष लुहाड़िया ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन में प्रबंध कार्यकारिणी समिति, सकल दिगंबर जैन समाज, णमोकार युवा मंडल, श्रीसुव्रत महिला मंडल व श्रीजैन नवरत्न ग्रुप का विशेष सहयोग रहा।

 

 

 

धर्मसभा में माताजी ने कहा कि सौधर्म इंद्र तीर्थकर बालक के जन्म के बाद उन्हें सुमेरु पर्वत पर ले जाकर 1008 कलशों से उनका जन्माभिषेक करता है। तीर्थकर भगवान के जन्म के समय तीनों लोकों में सुख-शांति का वातावरण फैल जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी के जन्मकल्याणक के अवसर पर पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास से भर गया है। माताजी ने कहा कि कई बार दवा की जगह दुआ से काम चल जाता है। इसलिए अधिक से अधिक दुआ लेने और आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।

 

 

शिक्षा मंत्री ने दिलाया पॉलीथिन न इस्तेमाल करने का संकल्प

 

अतिशय क्षेत्र में शनिवार रात आयोजित सांस्कृतिक संध्या में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि रहे। आर्यिका माताजी से आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने कहा कि पॉलीथिन पर्यावरण और बेजुबान पशुओं के लिए अत्यंत घातक है। गोवंश की सेवा को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने सम्मान से पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने का संकल्प भी दिलवाया। कार्यक्रम में प्रबंध कमेटी कार्यकारिणी द्वारा अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

            संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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