आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का प्रतापगढ़ के लिए 28 मार्च को मंगल बिहार जेलदा में होगी आहार चर्या
धरियावद 
बहता पानी रमता जोगी रोके से ना रुके। उड़ गया पंछी रे ,हरी भरी डाल से, रोको ना रोको कोई मुनि को बिहार से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के नंदन वन से 33 साधुओं और मुनि श्री पुण्य सागर जी सहित 17 साधुओं के मंगल बिहार पर बैंड पर बजने वाली शब्द लहरियों पर पंडित श्री हंसमुख जी सहित सभी उम्र के युवा युवती बालक बालिकाएं समाजजनो के नेत्र सजल हो रहे। मुनि श्री पुण्य सागर जी ने वर्ष 2024 का वर्षायोग नंदनवन कुल 19 साधुओं सहित करने हेतु 15 जुलाई 2024 को प्रवेश किया था। वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने वर्ष 2024 का वर्षायोग पारसोला किया।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ,मुनि श्री पुण्य सागर जी ने धरियावद से नंदनवन आकर आचार्य श्री की चरण वंदना की सभी साधुओं का हिमवन के लिए 27 मार्च दोपहर को मंगल बिहार हुआ। 
हिमवन बना भावी सिद्धवन
धरियावद के निकट स्थापित नंदनवन जो की 37 शिखरों वाला श्री चंद्रप्रभु दिगम्बर मंदिर और आर्यिका श्री विशुद्धमति जी समाधि साधना का केंद्र है । उसके ही निकट हिमवन में अंतराष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त पण्डित हंसमुख जी शास्त्री द्वारा समंतभद्र विद्या विहार कॉलेज छात्रावास का निर्माण कराया गया है जहां पर 4000 से अधिक विद्यार्थी लौकिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।27 मार्च दोपहर को आचार्य श्री वर्धमान सागर जी एवं मुनि पुण्य सागर जी सहित 51साधुओं का भव्य मंगल प्रवेश हुआ।रात्रि में समंतभद्र विद्या बिहार में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन संध्या हुई।आचार्य श्री भक्त राजेश पंचोलिया अनुसारआचार्य श्री वर्धमानसागर जी का धरियावद से पुराना नाता है 24 वर्ष पूर्व आचार्य श्री 27 जनवरी 2001 को धरियावद पधारे थे ,फरवरी 2001 में श्री महावीर जिनालय में पंचकल्याणक तथा अप्रैल 2001 में नंदनवन में पंचकल्याणक आचार्य श्री वर्धमान सागरजी ने संपन्नकराया धरियावद में ही श्री मूर्ति मती जी की वर्ष 2001 में क्षुल्लिका दीक्षा हुई थी। तथा वर्ष 2001 में आर्यिका सुपारसमति,आर्यिका श्री विपुल मति दो समाधि तथा वर्ष 2002 में आर्यिका श्री विशुद्धमति जी की समाधि आचार्य संघ सानिध्य में हुई।वर्ष 2025 में संघ में एक समाधि मुनि श्री प्रशम सागर जी की हुई तथा ऐलक श्री हर्ष सागर जी की दीक्षा हुई। वहीं मुनि श्री पुण्य सागर जी संघ से मुनि श्री पूर्ण सागर जी एवं आर्यिका श्री स्वर्ण मति जी की समाधि धरियावद में विगत प्रवास में हुई।आचार्य श्री संघ का मंगल बिहार प्रतापगढ़ होते हुए मंदसौर बही पार्श्वनाथ के लिए चल रहा हैं। जहां पर आगामी 16 अप्रैल से 20 अप्रैल तक पंच कल्याणक होगा।आचार्य संघ का 28 मार्च को 5.3 किलोमीटर बिहार होकर राजकीय स्कूल जेलदा मेंआहार चर्या होगी ।मुनि श्री पुण्यसागर जी की संघ सहित आहार चर्या खूंता ग्राम में होगी।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
