सिंगोली में पंचकल्याणक महोत्सव पंचम दिवस तीर्थंकर मुनि ऋषभदेव सागर महाराज की प्रथम आहारचर्या एवम आहार करवाने हेतु हजारों धर्मप्रेमियों में उत्साह पंचकल्याणक महोत्सव समिति द्वारा स्थानीय पत्रकारों का किया सम्मान

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:सिंगोली में पंचकल्याणक महोत्सव पंचम दिवस तीर्थंकर मुनि ऋषभदेव सागर महाराज की प्रथम आहारचर्या एवम आहार करवाने हेतु हजारों धर्मप्रेमियों में उत्साह पंचकल्याणक महोत्सव समिति द्वारा स्थानीय पत्रकारों का किया सम्मान

 

सिंगोली 

 मेवाड़ प्रांत के पावन पुण्य धरा पर योग प्रेरक 108 मुनिश्री प्रणम्य सागर महाराज के सानिध्य में स्थानीय श्री दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव के पांचवें दिन तीर्थंकर मुनि ऋषभदेव सागर महाराज की प्रथम आहारचर्या एवम आहार करवाने हेतु हजारों धर्मप्रेमियों में उत्साह देखा गया और उत्साह के साथ उमड़े 

 

 

सोमवार की सुबह बेला पर अयोध्या नगरी में देव स्तवन जिनाभिषेक नित्यार्चन के पश्चात परम पूज्य अर्हम योग प्रणेता मुनि श्री108 प्रणम्य सागर जी महाराज ने जिनशासन व प्रथम आहार विधि के बाद सभी अयोध्यानगरी वासियों को ज्ञान से अवगत कराया।

 

 

  लंबी तपस्या करने के पश्चात ऋषभ मुनि आहार के लिए नगर में आते हैं। पूरे नगर वासी उनके रत्न फल खाने की विनती करते हैं, लेकिन मुनिराज मुस्कुराते हुए विधि न मिलने के कारण निकल जाते हैं।

नगरी नगरी गांव गांव विचरण कर हस्तिनापुर पहुंचते है, जहां श्रेयांश राजकुमार के यहां विधि मिलने पर उन्हें रस का आहार मिलता है। जैसे ही आहार के रुप में रस की बूंदें मुनिराज की अंजली में आती है, वैसे ही आसमान से वर्षा रूपी अमृत की वर्षा होती है। जब तक आहार चलता है वर्षा चलती रहती है।

 

 

 

आहार पूरा होने के पश्चात वर्षा रुक जाती है। इस दौरान दोपहर को भगवान ऋषभ देव मूर्ति में महाराज श्री ने सूर्य मंत्रों का आत्म क्रियाओं से समावेश किया।

सोमवार को 

 प्रातः काल 6:00 बजे  जाप आराधना, मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, ज्ञानकल्याणक की पूजन , हवन, एवं तत्पश्चात अर्हम योग प्रणेता मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज की अमृत वाणी में बताया कि इस संसार में सब नश्वर है क्योंकि चक्रवती भरत ने अपने भ्राता बाहुबली से भी दृष्टि, जल ,मल्ल, युद्ध किया फिर भी पराजय को प्राप्त हुआ कारण अधीनता स्वीकार नहीं की । चक्रवती भरत ने क्रोध मै आकर के चक्र छोड़ दिया परंतु वह राजा बाहुबली की परिक्रमा देकर वापस आ गया क्योंकि कुटुंब जन पर चक्र नहीं चलता तत्पश्चात राजा बाहुबली को वैराग्य आ गया वह वन कि ओर प्रस्थान कर गए और 1 वर्ष तक खड्गासन मै तपस्या की फिर  भी उन को वैराग्य की प्राप्ति नहीं हुई जब यह चर्चा संपूर्ण नगर मै फैल गई तत्पश्चात भरत चक्रवती ने यह सुना तो वह पहुंचे और वह भगवान के मन का शल्य समझा और भरत ने कहा भगवान इस संसार में किंचित भी किसी का नहीं है मेरा भी कुछ नहीं है यह वचनों को सुन कर राजा बाहुबली को मोक्ष पद की प्राप्ति हो गई ओर आज विश्व की कर्नाटक के श्रवणबेलगोला में विंध्यागिरी पर्वत पर स्थित भगवान बाहुबली की 57-58 फीट ऊंची विश्व प्रसिद्ध अखंड ग्रेनाइट प्रतिमा है।

कार्यक्रम के दौरान

 दोपहर को  मंत्र आराधना,, तिलकदान , नेत्रोनमीलन , प्राण प्रतिष्ठा , सुरी मंत्र, केवलज्ञानुतोपत्ती ,समवशरण रचना ,गणधर पीठ पर विराजित  मुनि श्री की मंगल देशना , ज्ञान कल्याणक पूजन , एवं रात्रिकालीन 7:00 भव्य मंगल महाआरती, एवं तत्पश्चात एकरुण पुकार  बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति विशेष सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन दिल्ली से पधारे टीवी सीरियल कलाकारों द्वारा भावपूर्ण मंचन, जो तपोवन आर्ट ग्रुप फाउंडेशन सौरभ जैन, दिल्ली द्वारा प्रस्तुति दी गई

 

स्थानीय पत्रकारों का जैन समाज द्वारा भव्य स्वागत सत्कार

 

पंच कल्याणक महोत्सव के दौरान सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा पत्रकारों को भी सम्मानित किया जिसमें प्रमुख

   हरीश कुमार शर्मा , सुनील नागोरी ,सतीश कुमार सेन , सुनील जी , राजेश कुमार कोठारी, न, महबूब मेव, आजाद नीलगर , अतुल कुमार मेहर , मुकेश कुमार महेश्वरी, महेंद्र कुमार राठौर, एवं , निरंजन कुमार शर्मा, शमिल रहे।

 

इन्हें मिला सौभाग्य 

 पंच कल्याणक में मुनि श्री आदी ॠषभमुनि के प्रथम आहार पढगाहन करतें हुये राजा श्रेयांश बनने का सौभाग्य मांगीलाल रिषभ साकुणया परीवार व राजा सोम बनने का सौभाग्य प्रेमचन्द्र अतुल कुमार परिवार को प्राप्त हुआ।

 

 

लोकसभा अध्यक्ष महोदय पहुंचकर गुरुदेव का लेंगे आर्शीवाद 

मंगलवार की प्रातः बेला में कोटा बूंदी लोकसभा सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने के साथ-साथ अर्हम योग प्रणेता मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर महाराज का मंगल आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

 

मंगलवार को होंगे यह कार्यक्रम 

मंगलवार की बेला में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा एवं कार्यक्रम का समापन होगा इसी कड़ी में दिनांक . 07 अप्रैल 2026 वैशाख कृष्ण पंचमी मंगलवार

प्रातः 05:45 बजे- जाप आराधना, मंगलाष्टक, अभिषेक, शान्तिधारा नित्य पूजन भगवान आदिनाथ का कैलाश पर्व पर दर्शनप्रातः 08:05 बजेनिर्वाण की प्राप्ति, अग्नि कुमार देवों द्वारा नख केश विसर्जन निर्माण गुणारोपण, निर्वाण कल्याणक पूजन, शान्ति हवन, विसर्जन इसी के साथ प्रातः 09 बजे मुनिश्री मंगल प्रवचन होंगे।

     अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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