गोरव का अंश गोरांशी

काव्य रचना

गोरव का अंश गोरांशी

जो है गोरव का अंश वह है गोरांशी

कोई कहता यह रामगंजमंडी की बेटी,कोई कहता अशोक नगर की बेटी

मै कहता हु यह देश की बेटी

अपने सपनो को खुद चुनती, एक इबारत लिखती

सचमुच गोरांशी तुमने एक नए इतिहास की रचना कर दी

पदक लाकर भारत का नाम करती

नेक इरादों  बुलंद सपनो का एक उदाहरण प्रस्तुत करती

नारी शक्ति के गौरव के साथ देश को गौरव ऊचा करती

आज इस गौरव को देख खुश है जनक जननी

आज खुश है भारत की ये भूमि

आज गोरवान्वित मेरे देश की धरती

मेरे शब्द रुपी मोती तुम्हे शुभकामना देती

बहुत बहुत शुभकामना गोरांशी

अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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