पंचकल्याणक की धूम जुरहरा स्वाति जैन हैदराबाद की कलम से काव्य रचना
पंचकल्याणक की धूम मच रही
हर कोई हो रहा मतवाला है
बच्चे बूढ़े और महिला सब
खुशियों का बोलबाला है।
भरतपुर जिले की जुरहरा नगरी
दुल्हन की तरह सजायी है
आचार्य श्री वसुनंदी के सान्निध्य में
यहां धर्म की गंगा आयी है।

प्रथम बार यह आयोजन हो रहा
उत्साह का यहां माहौल है
फागुन के इस मौसम में
कवियों और गायकों से भी मचा धमाल है।
तीर्थंकर के कल्याणक हमें
प्रभु का जीवन दिखलाते हैं
संसार सागर से निकलने का
मोक्ष मार्ग बतलाते हैं।
हम भी ऐसा जीवन जीयें
श्रमण धर्म को सार्थक कर पायें
चारों गतियों से छुटकारा पाकर
जिनेन्द्र प्रभु जैसा बन पायें।
स्वाती जैन
हैदराबाद
7013153327
