51 फुट ऊँची विशाल प्रतिमा की प्रतिष्ठापना, महोत्सव का ध्वजारोहण से हुआ शुभारंभपंचकल्याणक प्रतिष्ठापना एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव को मिला उत्साहपूर्ण प्रतिसाद
धर्मतीर्थ
– कचनेर के पास स्थित श्रीक्षेत्र धर्मतीर्थ में श्री वृषभ सिद्ध जिन बिंब की 51 फुट ऊँची विशाल प्रतिमा की पंचकल्याणक प्रतिष्ठापना और महामस्तकाभिषेक महोत्सव का शुभारंभ (दि. 28 मार्च) को हुआ।
सुबह 10:16 बजे शुभ मुहूर्त पर न्यायाधीश अपर्णाकुमारी जैनापुरे, सौ. अर्चना सचिन कुशनाले, तीर्थक्षेत्र समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्री संजय पापडीवाल व डॉ. सौ. अंजली पापडीवाल, तथा विजय-माधुरी पापडीवाल परिवार के हाथों ध्वजारोहण किया गया।

परमपूज्य जगद्गुरु गणाधिपति, गणधराचार्य श्री कुंथुसागरजी गुरुदेव के पावन सान्निध्य में तथा क्रांतिकारी राष्ट्रसंत दिगंबर जैनाचार्य श्री गुप्तीनंदीजी गुरुदेव की प्रेरणा और मार्गदर्शन में इस महोत्सव की शुरुआत उत्साहपूर्वक हुई। 2अप्रैल तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। छत्रपति संभाजीनगर के पालकमंत्री संजय शिरसाठ, पूर्व महापौर त्र्यंबक तुपे और विकास जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर दीप प्रज्वलन किया और संतोष व्यक्त किया। उनका स्वागत महोत्सव समिति के अध्यक्ष संजय पन्नालाल पापडीवाल और कार्याध्यक्ष चंद्रशेखर चांदमल पाटणी ने किया। महामंत्री पवनकुमार पापडीवाल के हाथों अतिथियों का सम्मान किया गया।
इस महोत्सव में आचार्य श्री तीर्थनंदीजी, प्रज्ञाश्रमण गणनायक आचार्य श्री सुयशगुप्तजी, आचार्य श्री श्रुतधरनंदीजी तथा गणिनी आर्यिका क्षमाश्री माताजी की विशेष उपस्थिति रही। पूरे महोत्सव के धार्मिक विधि-विधान पं. प्रदीप मधूर एवं उनके सहयोगियों—अखिलेश, निखिल, दिनेश, रत्नेश, मुकेश और आशीष—द्वारा संपन्न कराए जा रहे हैं।
कल (दि. 28 मार्च) प्रातः 5:30 बजे आचार्य के पावन सान्निध्य में यज्ञशाला अभिषेक, कलश स्थापना, नवग्रह शांति हवन की शुरुआत, अखंड दीप प्रज्वलन आदि कार्यक्रम हुए। सुबह भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें सुहागिन महिलाएं और कुमारिकाएं मंगल कलश लेकर शामिल हुईं। इसके बाद मंडप का उद्घाटन न्यायाधीश अपर्णा जैनापुरे के हाथों हुआ। प्रतिष्ठापना के पश्चात भगवान को मंडप में विराजमान किया गया। इंद्र प्रतिष्ठा, पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजा और महामंडल आराधना संपन्न हुई। आचार्य संघ के मंगल प्रवचन भी हुए।
सुबह 9.45 बजे ध्वजारोहण विधि शुरू होकर 10:16 बजे शुभ मुहूर्त में जयघोष के साथ पूर्ण हुई। दोपहर 1 बजे महायाग मंडल विधान और शाम 4 बजे गणधराचार्य श्री का पूजन व प्रवचन हुआ। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी अच्छा प्रतिसाद मिला।
चौकट 1 – इंदौर के गोधा परिवार का योगदान
• इंदौर निवासी श्रीमती प्रेमलता गोधा, श्री अनिलकुमार व सौ. ज्योति गोधा, श्री अरुणकुमार व सौ. अंजु गोधा तथा उनके परिवार ने 51 फुट ऊँची विशाल सिद्ध प्रतिमा प्रदान की है।
• ब्राह्मी – डॉ. जयश्री दीदी, आशा दीदी तथा सुंदरी – पूजा दीदी ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर भगवान के पिता राजेश जैन एवं माता रेखा जैन हैं। वहीं सौधर्मेंद्र के रूप में राजेंद्र एवं वंदना पाटणी परिवार उपस्थित है। सुवर्ण सौभाग्यवती – सुवर्णा व आकाश कासलीवाल तथा धनश्री – सुनिधि व धनकुबेर अमित जैन परिवार भी शामिल हैं।
चौकट २ –
आज दूसरे दिन गर्भकल्याणक
रविवार (दि. 29 मार्च) को महोत्सव के दूसरे दिन गर्भकल्याणक कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें पूजा, पंचकल्याणक विधान, 81 पवित्र कलशों के जल से अभिषेक, गणधराचार्य का मंगल प्रवचन, आरती, रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा गर्भकल्याणक संस्कार किए जाएंगे। इस अवसर पर राज्यभर एवं देशभर से दिगंबर जैन श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
प्रचार प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
