धर्म से ही जीवन का इलाज संभव, समय और आत्मा का महत्व समझें: स्वस्तिभूषण माताजी

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धर्म से ही जीवन का इलाज संभव, समय और आत्मा का महत्व समझें: स्वस्तिभूषण माताजी
नैनवां
कस्बे में आयोजित धर्मसभा में भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105स्वस्तिभूषण माताजी ने प्रवचन देते हुए धर्म, समय और आत्मा के महत्व पर प्रकाश डाला। शुरुआत विनीता जैन अजमेरा की ओर से मंगलाचरण से हुई। समिति के सदस्यों ने भगवान के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

 

 

धर्मसभा को संबोधित करते हुए माताजी ने कहा कि समय की कीमत समझना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि समय किसी का इंतजार नहीं करता। जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करता है, वही जीवन में आगे बढ़ता है, जबकि समय की अनदेखी करने वाला पीछे रह जाता है। माताजी ने आत्मा और शरीर के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि मनुष्य अपने शरीर की आवश्यकताओं के लिए तो हर प्रकार के साधन जुटाता है, लेकिन आत्मा के उत्थान के लिए समय नहीं निकालता। उन्होंने कहा कि आत्मा की साधना करने से ही परमात्मा के दर्शन संभव हैं।

 

यह इंजीनियर, राजनेता या बड़ा व्यापारी बन जाता है, लेकिन सब आत्मा की शक्ति से संभव होता है, शरीर से नहीं। भौतिक उपलब्धियों के बावजूद व्यक्ति को सच्चा सम्मान तभी मिलता है, जब वह धर्म और ज्ञान के मार्ग पर चलता है। माताजी ने कहा कि दिगंबर संत निस्वार्थ भाव से समाज को ज्ञान देते हैं और भटके हुए जीवों को सही मार्ग दिखाते हैं। यही कारण है कि लोग साधु-संतों के आशीर्वाद के लिए सदैव आतुर रहते हैं।

 

उन्होंने यह भी संदेश दिया कि जितना समय मनुष्य आईने के सामने श्रृंगार में व्यतीत करता है, यदि उतना समय ईश्वर भक्ति में लगाए तो जीवन की अनेक बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।

 

धर्मसभा में माताजी ने जानकारी दी कि शांति वीर धर्म स्थल पर 24 व 25 मार्च को स्मार्ट गर्ल्स प्रशिक्षण का दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास और संस्कारों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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