नेमीसागर कॉलोनी में तीन दिगम्बर जैन संघों के 36 संतों का समागमआचार्य विनिश्चय सागर से आचार्य सुंदर सागर का एक सालऔर आचार्य शशांक सागर का 19 साल बाद हुआ मिलन
जयपुर
वैशाली नगर नेमीसागर कॉलोनी के श्री नेमीनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में रविवार को तीन दिगम्बर जैन संघों के 36 संतों
का एक साथ मिलन हुआ। आचार्य सुंदर सागर महाराज ससंघ, आचार्य शशांक सागर महाराज ससंघ व वाक्केशरी
श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ का जयपुर में पहली बार मिलन हुआ।
संतों एवं आर्यिका माताजी के दर्शनों के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ा। क्वीन्स रोड पर केसरी बाग बैंक्वेट के बाहर बनाए गए अस्थाई मंच पर जब एक तरफ से आचार्य विनिश्चय सागर महाराज, दूसरी ओर से आचार्य सुंदर सागर महाराज एवंआचार्य शशांक सागर मुनिराज चढ़े और आपस में वात्सल्य के साथ गले मिले तो भक्तों ने भगवान महावीर के जयकारे लगाए ।
आचार्य सुंदर सागर का एक साल तथा आचार्य शशांक सागर का 19 वर्ष बाद आचार्य विनिश्चय सागर महाराज से मिलन हुआ। मिलन के बाद तीनों संघों के 36 दिगम्बर जैन संत एवं आर्यिका माताजी। बैंडबाजों के साथ जुलूस के रूप में नेमीसागर कॉलोनी आए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन एवं आरती की। मंदिर पहुंचने पर समाज समिति के अध्यक्षजेके जैन कालाडेरा, उपाध्यक्ष अनिल
जैन धुआं तथा महामंत्री प्रदीप निगोतियां, पूनम ठोलिया सहित समाजबंधुओं नेअगवानी की।





इस मौके पर जैन भवन में धर्मसभा हुई। इंदिरा बड़जात्या की ओर से मंगलाचरण के बाद समाज श्रेष्ठीजनों की ओर से चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया।
राग से वैराग्य की बात, आत्मा से परमात्माकी बात सुन रहे हैं: आचार्य सुंदर सागर
आचार्य शशांक सागर ने कविता के माध्यम से कहा कि तेरे आने का निश्चय ही खुशी का पैगाम लाया है, नेमीसागर कॉलोनी फूला नहीं समाया है। यह जयपुर वालों का पुण्य है, जो संतों की त्रिवेणी का संगम मिल गया। उन्होंने कहा कि संत समागम का बड़ा ही महत्व है।
वाक्केशरी श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज ने मूलनायक भगवान नेमिनाथ का स्मरणकरते हुए कहा कि जीवन की धारा जब वैराग्य में बहती है और बीच में कोई राग का पाबंद लगाता है।तो विघ्न तो होता ही है।
राष्ट्रसंत आचार्य सुंदर सागर। महाराज ने कहा कि राग से वैराग्य की बात, परमात्मा की बात सुन रहे हैं।नेमीसागर कॉलोनी में सोमवार सुबह 8:30 बजे धर्मसभा होगी, जिसमें तीनों आचार्यों के मंगल प्रवचन होंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
