स्वस्तिभूषण माताजी का हुआ मंगल प्रवेश मोबाइल का व्यसन शराब से भी ज्यादा घातक संयमित जीवन अपनाएं : स्वस्तिभूषण माताजी
नैनवां
नगर में गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषणमाताजी के मंगल प्रवेश पर भक्तिऔर आस्था का विशेष माहौल रहा।सुबह चंद्रप्रभु नसिया स्थल पर दिगंबर जैन समाज ने माताजी संघ कीअगवानी की। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा गढ़पोल दरवाजा होते। हुए शांतिवीर धर्म स्थल पहुंची। मार्ग में तोरण द्वार सजाए गए, रंगोलियां बनाई गईं और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। महिला मंडलों ने पाद प्रक्षालन कर माताजी को धर्मस्थल में प्रवेश कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महावीर के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन से हुई। गायू ग्रुप ने नृत्य प्रस्तुति दी, मंगलाचरण शिवानी जैनहरसोरा ने प्रस्तुत किया। धर्मसभा में महावीर सरावगी ने उद्बोधन दिया।संचालन मोहन मारवाड़ा, विनोद और बनी ने किया।
अपने प्रवचन में माताजी ने वर्तमान जीवनशैली पर चिंता जताते हुए कहा कि मोबाइल का बढ़ता व्यसन शराब से भी अधिक घातक बन चुका है। इसके कारण लोगों का अधिकांश समय व्यर्थ हो रहा है, जिससे पारिवारिक संबंधों में तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने संयमित जीवन अपनाने और भौतिकभोगों से दूर रहने की प्रेरणा दी।
माताजी ने शरीर और आत्मा के भेद को स्पष्ट करते हुए कहा कि शरीर नश्वर है, जबकि आत्मा शाश्वत है। सही मार्गदर्शन मिलने पर आत्मा मनुष्य को धर्म के पथ पर अग्रसर करती है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसके नाम सेनहीं, बल्कि कर्मों से होती है। कार्यक्रम के दौरान स्वस्तिसंदेशपत्रिका का विमोचन भी किया गया साथ ही स्वस्ति धाम जहाजपुरजैन मंदिर के शिलान्यास का उल्लेख करते हुए उसके नैनवां से जुड़े संबंध की जानकारी दी गई।
सकलनअभिषेकजैनlलुहाड़िया रामगंजमंडी

