वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर महाराज के दीक्षा दिवस पर अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज की भाव भरी अभिव्यक्ति
परम पूज्य आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज नमोस्तु। नमोस्तु। नमोस्तु जैन संस्कृति के अमर आलोक, आचार्य श्री शांति सागर महाराज की पावन, निष्कलुष और तपोमय परंपरा में विराजमान तृतीय पट्टाचार्य आचार्य श्री धर्म सागर महाराज के 58वें आचार्य पदार्पण दिवस तथा पंचम पट्टाधीश, तपोनिष्ठ-वैराग्यमूर्ति, वात्सल्यमूर्ति आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के पावन दीक्षा दिवस के शुभ अवसर पर कोटिशः वंदन, अभिनंदन और त्रिकाल नमोस्तु ।गुरुदेव ! आपके निर्मल आचरण, अखंड साधना और अद्वितीय त्याग ने आचार्य श्री शांति सागर महाराज की गौरवशाली परंपरा के ध्वज को समस्त भारतभूमि में ऐसे प्रसारित किया है, मानो उदीयमान सूर्य की स्वर्णिम किरणें दिशाओं को आलोकित कर रही हों। आपका जीवन स्वयं एक जीवंत शास्त्र है- जिसमें संयम, साधना और समत्व का दिव्य संदेश स्पंदित होता है।
आपके वात्सल्य-सिक्त हृदय से असंख्य श्रावक-श्राविकाएँ मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर हुए हैं। आपने समाज को केवल उपदेश नहीं दिया, अपितु उसे आत्मबल, आत्मविश्वास और एकता का सूत्र भी प्रदान किया है। आपकी पहचान ही आपका वात्सल्य है -जहाँ कठोर तप में भी करुणा का मधुर स्पर्श विद्यमान है। आपकी सहजता, सौम्यता, मधुर मुस्कान और उदार अंतःकरण हम सभी शिष्यों को अनायास ही आपके चरणों की ओर आकर्षित कर लेता है। आपके समीप आकर आत्मा को शांति, विचारों को स्थिरता और जीवन को दिशा प्राप्त होती है।
गुरुदेव ! आपके इस पावन दीक्षा दिवस पर हमारी अंतःकरणपूर्वक मंगल भावना है कि आपका संयम-प्रदीप दीर्घकाल तक प्रज्वलित रहे, आपका आरोग्य उत्तम रहे, और आप निरंतर धर्मध्वजा को ऊँचा उठाते रहें। इंदौर की संपूर्ण जैन समाज की विनम्र एवं हार्दिक भावना है कि वर्ष 2027 का पावन चातुर्मास इंदौर नगरी को प्राप्त हो। श्रद्धेय भरत जैन जी के नेतृत्व में इंदौर की समस्त संस्थाएँ और समाज एकजुट होकर इस मंगल भावना को साकार करने हेतु तत्पर हैं। आपके श्रीचरणों में अनंत श्रद्धा सहितअंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
