26 फरवरी को बाड़ा पदमपुरा में होगी दीक्षा -रामपुरा में निकाली दीक्षार्थी की बिनौली यात्रा
कोटा, 22 फरवरी ।
जब संसार से वैराग्य हो जाता है तो किसी वैभव की चकाचौंध उसे नहीं रोक सकती यही प्रेरणा देती है संयम पथ पर चलने वाले पथिक की बिनौली यात्रा। झांतला (म.प्र.) निवासी दीक्षार्थी पं. लादूलाल जैन की ऐसी ही एक बिनौली रामपुरा जैन समाज द्वारा निकाली गई । रामपुरा जैन समाज के महामंत्री निर्मल जैन पोरवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि दीक्षार्थी के छोटे भाई गुलाबबाड़ी निवासी श्री सुरेश चंद जैन के यहां दीक्षार्थी की गोद भराई प्रक्रिया की गई यही से बग्गी में दीक्षार्थी को बैठाया गया ओर शहर के प्रमुख मार्गो पर बिनौली यात्रा निकाली गई जहां श्रावकों ने अपने अपने घर के द्वार पर दीक्षार्थी की गोद भराई की एवं उनका आशीष प्राप्त किया ।
सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के अध्यक्ष श्री प्रकाश बज, महामंत्री श्री पदम बड़ला सहित कई गणमान्य जन बिनौली यात्रा में शामिल हुआ । ‘वंदन वैरागी अभिनंदन वैरागी’ जैसे वैराग्यमयी भजनों पर भक्ति करते हुए सभी जैन गली स्थित श्री ताराचंद दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचे जहां सकल जैन समाज रामपुरा एवं ताराचंद दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी द्वारा दीक्षार्थी का बहुमान किया गया । इस अवसर पर कोटा के ज्येष्ठ विद्वान पं. श्री वीरेन्द्र मारवाड़ा ने अपने उद्बोधन में कहा कि साथ साथ व्रत की सीढ़ियों पर चढ़ते हुए भी आज पं. लादूलाल जी मुझसे एक कदम आगे बढ़ चुके है । तत्व चर्चा एवं स्वाध्याय ही जिनकी दिनचर्या बन चुकी है अब वे मुनिधर्म को अंगीकार करने जा रहे है ।

इसी प्रसंग पर अपनी अभिव्यक्ति देते हुए दीक्षार्थी पं श्री लादूलाल ने कहा कि चौरासी लाख योनियों में परिभ्रमण करते हुए हमें मनुष्य पर्याय प्राप्त हुई है किंतु इसकी सार्थकता तभी है जब हम संयम की पालना में आगे बढ़ने का प्रयास करें और में भी उसी पथ पर चलने का प्रयास करते हुए जिन मुद्रा को अंगीकार करने जा रहा हूं, सांसारिक जीवन में यदि मेरे किसी व्यवहार से किसी भी परिजन या परिचित का अहित हुआ हो तो मुझे क्षमा प्रदान करे और में भी सबको क्षमा करता हु ।


26 फरवरी को होगी दीक्षा –
दीक्षार्थी के पौत्र भव्य जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि पं लादूलाल जी ने सन 2004 में प्रथम बार गणिनी आर्यिका 105 श्री विशुद्ध मति माताजी की प्रेरणा से एक प्रतिमा व्रत लिया ओर निरंतर आगे बढ़ते रहे गत एक वर्ष पूर्व ही आपने आचार्य वर्धमान सागर जी महामुनिराज से सप्तम प्रतिमा व्रत लिए थे और पिछले कुछ समय से लगातार आचार्य श्री से दीक्षा हेतु निवेदन कर रहे थे । शुक्रवार को ही आचार्य श्री ने 26 फरवरी को अतिशय क्षेत्र पदमपुरा बाड़ा में आपकी दीक्षा किए जाने की घोषणा की ।


राकेश जैन ‘चपलमन’9829097464 से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
