आँख में पड़ा तिनका, पैर में लगा काँटा..रूई में दबी आग और मन में छुपा पाप बहुत भयानक है..!अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

धर्म

आँख में पड़ा तिनका, पैर में लगा काँटा..रूई में दबी आग और मन में छुपा पाप बहुत भयानक है..!अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

स्वस्तिधाम जहाजपुर 

अन्तर्मना आचार्य श्री 108प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज की अहिंसा संस्कार पदयात्रा दीक्षा भूमि परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान के लिए चल रही है उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि आँख में पड़ा तिनका, पैर में लगा काँटा..रूई में दबी आग और मन में छुपा पाप बहुत भयानक है.. मन का स्वभाव है कि वह नया माँगता है। मन सदा नया-नया चाहता है। वह पुनरूक्ति नहीं माँगता। कुत्ते की तरह मानव मन भटकता है, सूंघता है और आगे बढ़ जाता है। आप भोजन करते हैं। पहले ग्रास में जो आनन्द आता है, वो दूसरे ग्रास में नहीं आता। और जो दूसरे ग्रास में आता है, वो तीसरे में नहीं आता। मन परिवर्तन चाहता है, फिर वो विषय वासना, भोग, विलास या खान पान की सामग्री क्यों ना हो।

 

एक पत्नी ने पति से पूछा-? जब अपनी शादी हुई थी, तब तो आप बडे़ प्रशंसनीय नामों से बुलाते थे, जैसे – रस मलाई, मेरी बर्फी, मेरी रबड़ी — लेकिन अब आप इन नाम से नहीं बुलाते क्यों-? पति ने कहा – अरे पगली! दूध की मिठाई कितने दिन तक ताजी रहेगी। *मन नये पदार्थ की तरफ उन्मुख होता है और पर पदार्थ की तरफ जो आकर्षण है, बस वही पाप है। इसलिए आदमी का आधे से ज्यादा जीवन श्री और स्त्री में ही गुजरता है जहाँ सिर्फ समुद्र का खारा पानी है। पानी तो है पर प्यास का शमन नहीं है। भाग दौड़ तो है पर मन्ज़िल नहीं है। बेखबरी का जीवन तो बहुत जी लिया परन्तु हाथ कुछ भी नहीं लगा सिर्फ अफसोस के। अब बेखबरी का नहीं, खबरदारी का जीवन जीना है।

 

 

 

 

मनुष्य जीवन में सफलता तभी मिल सकती है जब हम खुद अपने आप को मर्यादित करें। त्याग मय जीवन जीयें और अपने आपको जीव दया के लिये समर्पित कर दें…!!!    

 

    परम पूज्य गुरुदेव भारत गोरव विश्व के सर्वश्रेष्ठ तपस्वी उत्तम सिंह निष्क्रिडित व्रत्तकर्ता अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महाराज जी चतुर्विघ संघ का भव्य मंगल पद विहार दिनाँक 22 फरवरी 2026, रविवार, दोपहर 2.00 बजे मुनि सुव्रतनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, स्वस्ति धाम, जहाजपुर जिला भीलवाड़ा राजस्थानसे राजकीय विघालय, भरनी जिला भीलवाड़ा राजस्थान 14.2किलोमीटर के लिए होगा 

 

   नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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