नागरिकों की गुणवत्ता से महान बनता है राष्ट्र : आचार्य विनिश्चय सागर महाराज कहा- जैन समाज राजनीति में भागीदारी बढ़ाए’
करनाल
आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने कहा कि समाज को संस्कार और संस्कृति की तरफ ले जाने के लिए पंच कल्याणक जैसे आयोजन जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिकता के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के संस्थानों को जोड़ने की जरूरत हैं। तीथों पर हमलों और अतिक्रमण के लिए समाज की लापरवाही जिम्मेदार है। इस समय लोग हिंसा तनाव और आतंकवाद से जूझ रहे हैं। लोग धर्म से दूर हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को धर्म के नजदीक लाने के लिए धार्मिक आयोजन जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि जैन धर्म के अस्तित्व को कोई खतरा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जैन समाज में संख्या की जरूरत है। प्रमाद और लापरवाही के कारण संस्कृति से दूर हो रहे हैं।


उन्होंने कहा कि हमें हर जगह अपनी उपस्थिति दर्ज करनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैन समाज के लोगों को राजनीति में अपनी भागीदारी बढ़ाने की जरूरत हैं। आज उसकी सुनी जाती है जो राजनीतिक रूप से सशक्त हो। वह पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर महान व्यक्ति थे। उन्होंने सत्य और अहिंसा और समता मूलक समाज से प्रभावित थे। आचार्य श्री ने कहा कि राष्ट्र नागरिकों से महान बनता है कोई भी राष्ट्र हो यदि उसके नागरिक गुणवान हैं संस्कारी हैं तो राष्ट्र महान बनेगा। उन्होंने कहा कि धर्म निरपेक्ष तभी संभव है जब हम अपने धर्म का पालन करते हुए दूसरे धर्म का आदर करें, उससे प्रेम करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की कीमत तभी होती है जब वहां पर गुणवान नागरिक रहते हों।

उन्होंने कहा कि जैन धर्म के अनुसार राष्ट्र ऐसा हो जहां सभी को समानता मिले, अहिंसा मुक्त हो सभी वात्सल्य पूर्ण ढंग से रहें।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
